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बदलते मंडी धनौरा की तस्वीर : सड़क पर भीड़, दुकानों में उछीड़

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खुला और सुव्यस्थित तथा खरीददारी के लिहाज से दूर-दूर तक मशहूर मंडी धनौरा आज भीड़-भाड़ और अतिक्रमण वाला नगर बनकर रह गया है। बीच बाजार तक किसी भी ओर से जाना एक मुश्किल काम होता जा रहा है जबकि कारोबारी हाथ पर हाथ धरे बैठे नजर आते हैं।

1970 के दशक में भीतरी आबादी से यातायात कम करने के लिए गजरौला-बिजनौर मार्ग को बाईपास रोड तैयार कराकर शहर से बाहर निकाल दिया था। इससे बड़ी राहत मिली।

दो दशकों में बाईपास के दोनों ओर आबादी का अम्बार लग गया। इस चौड़ी सड़क के दोनों ओर बसे दुकानदारों ने अंदर की सड़कों से भी संकरा कर दिया। कानून और इंसानियत को ताक पर रखकर दुकानदारों ने अपना सामान सड़क की भूमि पर लगा दिया। इससे यहां का यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सड़क दुघर्टनायें और जाम की हालत किसी से छिपी नहीं है।

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कूड़ा, कचरा, कबाड़ा भी सड़क पर डाला जा रहा है। दोनों ओर बने नालों में यह गंदगी सड़ रही है। जिससे बदबू और प्रदूषण से लोगों का जीवन नारकीय है। वोट की राजनीति के कारण इन वार्डों के सभासद या पालिकाध्यक्ष अतिक्रमण हटवाने की कोशिश नहीं करते।

उधर शेरपुर चुंगी पर अतिक्रमण का बुरा हाल है। यहां से होकर गुजरने वालों में झगड़े आम बात हैं। कोई न कोई वाहन आपस में भिड़ता है जिससे मारपीट व झगड़े होते रहते हैं। पालिका प्रशासन इस ओर से पूरी तरह मौन है।    

पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी की बिरादरी का इस चुंगी पर बाहुल्य होने से वे खामोश रहना ही बेहतर समझते हैं।

नगर के अंदर भी आना-जाना एक बड़ी मुसीबत का सबब बन चुका है। सड़क पर भीड़ और दुकानों पर उछीड़ इस शहर की पहचान बन चुका।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम मंडी धनौरा.