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सप्ताह भर से जंगल में भटक रहा तेंदुआ

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अमरोहा जिले में काफी समय से तेन्दुए का शोर है। कई स्थानों पर उसे देखने का लोगों ने दावा भी किया है। मंडी धनौरा तथा गजरौला विकास खंडों का काफी क्षेत्र हस्तिनापुर सेंचुरी में आता है। गंगा के खादर में सैकड़ों गांव आबाद हैं, जो वन क्षेत्र में बसे हैं। ऐसे में खेतों में काम करने वाले लोगों में बेचैनी है। केवल खादर ही नहीं बल्कि एक सप्ताह से तेन्दुआ गजरौला के निकट बसे गांव चाकीखेड़ा, पखरौला, खेड़की खादर तथा आसपास के खेतों में भी दिखाई दिया है।

मादा तेंदुआ होने की संभावना है :

चार-पांच दिन पूर्व चाकीखेड़ा गांव के आसपास के खेतों में काम करने वाले लोगों ने बताया कि ईख के खेत में उन्होंने दो शावकों के साथ तेन्दुआ देखा था। हो सकता है कि ये बच्चे यहां पैदा हुए हों। मादा गर्भवती हो और वह पानी की तलाश में जंगल में चलती हुई इधर आ गयी हो। गर्मी में चलने के कारण वह वापस जाने में असमर्थ हो, तथा इसी दरम्यान उसे प्रसव हो गया हो। बच्चों को ईख में छोड़कर वह इधर-उधर शिकार की तलाश में भागती रही हो तथा  लोगों को हर जगह पाकर वह कभी किसी गांव की सीमा तथा कभी किसी गांव की सीमा में मंडराती रहती हो।

तेन्दुए के साथ जंगल में बच्चे भी ढूंढे जायें :

यह तेन्दुआ खेतों में दस-बारह किलोमीटर के दायरे में कभी कहीं, कभी कहीं दिखाई दे रहा है। यहां उसके बच्चों की तलाश की जानी चाहिए। उसके बच्चों का पता कर उनकी सुरक्षा भी जरुरी है। वे मरे या गायब हुए तो तेन्दुआ बेहद खूंखार हो जायेगा।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.