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नौगांवा तहसील का नहीं हुआ शिलान्यास, चार साल से हवा में बन रही तहसील हवा में ही रह गयी

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नौगांवा सादात को तहसील बनने का सपना देखने और दिखाने वालों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी है। मुख्यमंत्री द्वारा 14 अप्रैल को तहसील का शिलान्यास किये बिना नौगांवा में दावत खाकर चले जाने से लोग समझ गये हैं कि क्षेत्रीय प्रतिनिधियों से लेकर लखनऊ तक के सत्ताधीश नौगांवा सादात के लोगों को चार साल से तहसील के नाम पर फुसलाते आ रहे हैं। भले ही अखिलेश यादव जाते-जाते यह आश्वासन दे गये कि कानूनी तथा कागजी औपचारिकतायें पूरी होने के बाद तहसील बनायी जायेगी। इससे नौगांवा वासी मायूस हो गये हैं। इससे इलाके में विधायक अशफाक की विश्वसनीयता को चोट पहुंचेगी।

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नौगांवा में पंजेतनी गेट का लोकार्पण किया.

उल्लेखनीय है कि बीते विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यहां आये अखिलेश यादव ने नौगांवा को तहसील बनाने की घोषणा की थी। दर्जा मंत्री मौलाना आब्दी तथा विधायक अशफाक खां चार वर्षों से यहां तहसील मुख्यालय बनवाने की रट लगाये हैं। मौलाना और विधायक खां को बहलाये रखने के लिए जिला प्रशासन भी तीन बार प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज चुका लेकिन आधे-अधूरे इन प्रस्तावों पर अमल न होने के कारण वे रद्द कर दिये गये।

मुख्यमंत्री के आने से पहले यहां प्रचार किया जा रहा था कि 14 अप्रैल को वे तहसील का शिलान्यास करेंगे। यह जानते हुए कि नयी तहसील बनने के मानक पूरे नहीं हो रहे, जिला प्रशासन ने एक अस्पताल की भूमि पर उद्घाटन करने की बात फैला दी। हकीकत से अनजान मौलाना आब्दी और विधायक बड़े खुश थे कि 14 अप्रैल को शिलान्यास हो जायेगा लेकिन उस समय दोनों भौंचक्के रह गये, जब मुख्यमंत्री दावत खाकर, तहसील का शिलान्यास किये बिना ही उड़ गये। उन्हें पता चल गया होगा कि नौगांवा को तहसील केवल आश्वासनों से नहीं बनवाया जा सकता, उसके लिए जरुरी औपचारिकतायें भी पूरी करनी होती हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.