Header Ads

टीबी के खिलाफ उत्तम अभियान

uttam-singh-prajapati-

नारायण जनकल्याण वैलफेयर सोसायटी के माध्यम से डा. उत्तम सिंह प्रजापति टीबी जैसी भयंकर बीमारी से छुटकारा दिलाने तथा इस संबंध में लोगों को जागरुक करने के लिए अपने संगठन की टीम के साथ छह वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं। उनका कार्यक्षेत्र अमरोहा जिले के सबसे पिछड़े ब्लॉक गंगेश्वरी के ऐसे गांव हैं, जहां शिक्षा की कमी और शहरी क्षेत्रों से दूर निर्धन तथा पिछड़े लोगों की संख्या सबसे अधिक है।

अक्षय प्रोजेक्ट के तहत कार्य कर रहे डा. उत्तम सिंह प्रजापति अबतक 281 गांवों में टीबी जागरुकता बैठकें करके रोग के लक्ष्ण, उसके फैलने के कारण, बचाव और इलाज की पूरी जानकारी दे चुके तथा 15 गांवों से टीबी जैसी महामारी का नोमोनिशान मिटाकर उन्हें अक्षय गांव बनाने में सफल हो चुके। वे गंगेश्वरी ब्लॉक से पूरी तरह टीबी को समूल नष्ट करने को कटिबद्ध हैं। उन्होंने 2014 से अबतक 1060 लोगों का बलगम चैक कराया तथा 280 लोगों को टीबी की दवा खिलायी और उन्हें निरोग बनाया।

uttam-singh

डा. उत्तम सिंह अपनी संस्था के सहयोग तथा स्वयं के प्रयास बेहद पिछड़े तथा निर्धन और वंचित समुदाय के लोगों के गांवों और घरों में क्रमशः पहुंच रहे हैं। खांसी पाये जाने पर उनके बलगम की जांच कराते हैं। बीमारी की पुष्टि होने पर उनका निशुल्क इलाज कराते हैं। 58 गांवों में उन्होंने दीवारों पर स्लोगन लगाकर इस बीमारी से बचाव, लक्ष्ण और उपचार के बारे में प्रचार किया है। एक-एक कर वे सभी संभावित मरीजों की जांच कराकर इन गांवों को भी टीबी मुक्त गांव बनाने में संलग्न हैं।

सिलसिला जारी रखते हुए वे जिले के सबसे पिछड़े ब्लॉक के सभी गांवों को इस बीमारी से मुक्ति दिलाने का अपना इरादा पूरा करने में सफल होंगे। वे अपने प्रयास से इस बीमारी से उत्पन्न हीनता तथा भय को लोगों से दूर करने में भी सफल हुए हैं।

उत्तम सिंह को लोगों में फैले इस भ्रम को दूर करने में बहुत मेहनत करनी पड़ी कि टीबी लाइलाज है। उनके द्वारा 15 गांवों के 280 लोगों को रोगमुक्त कराना लोगों में फैले भ्रम को दूर करने में कारगर सिद्ध हुआ। उनके द्वारा मरीज डायट के जरिये निरोगता पाने में सफल हो रहे हैं।

नानी की मौत ने चेताया टीबी के खिलाफ़

डा. उत्तम सिंह प्रजापति मूल रुप से गंगेश्वरी ब्लॉक के निरथावली गांव के निवासी हैं। वे हसनपुर रोड पर मेडीकल स्टोर खोलकर गजरौला में स्थायी रुप से बस गये हैं। उनकी नानी की मौत टीबी से हुई थी। उस समय वे छोटे थे तथा उनके पिछड़े क्षेत्र में इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरुकता का अभाव भी था।

नानी की मौत ने उनके हृदय में हलचल मचा दी तथा उन्होंने शिक्षा पूरी कर गजरौला में मेडीकल स्टोर खोला। इसी के साथ वे इस बीमारी से अनजाने में हो रही मौतों को रोकने के प्रयास में निस्वार्थ भाव से आगे आये।

इस काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने नारायण जनकल्याण वैलफेयर सोसायटी गठित की। वे संस्था के संस्थापक सचिव हैं। पातीराम इसके अध्यक्ष, मास्टर रामकिशोर सिंह जिला समन्वयक तथा डा. सतवीर सिंह कोषाध्यक्ष हैं। इस टीम के साथ डा. उत्तम सिंह टीबी को समूल नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम गजरौला.