भाजपा का चुनाव चिन्ह

विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश में नवंबर-दिसंबर में होने की चरचायेंं हैं। यह चर्चा भाजपा और सपा खेमों से चली हैं जो आम आदमी तक जारी हैं। अमरोहा जिले की चारों विधानसभा सीटों पर सपा और बसपा के उम्मीदवारों की स्थिति लगभग स्पष्ट ही है। जबकि त्रिकोणात्मक मुकाबले की आहट में तीसरा कोण बनाने वाली भाजपा के उम्मीदवारों का चयन अभी देर से होने के आसार हैं। उसका प्रमुख कारण चारों सीटों पर कई-कई लोगों की मैदान में आने की इच्छा है।

नौगांवा सादात सीट

नौगांवा सादात सीट से रालोद छोड़कर भाजपा में आये डा. हरि सिंह ढिल्लो और पिछले चुनाव में पराजित उम्मीदवार रहे युद्धवीर सिंह के नामों की चर्चा है। हाइकमान दोनों में से किसी को भी मैदान में ला सकती है। एक-दो और नाम भी सामने आ सकते हैं।

हसनपुर सीट से पिछला चुनाव हारे महेन्द्र सिंह खड़गवंशी और पालिकाध्यक्ष राकेश बंसल उर्फ कालू की चरचायें हैं। कालू केवल शहर तक सीमित हैं जबकि महेन्द्र सिंह ग्रामीण क्षेत्र में मजबूत पैठ रखते हैं।

अमरोहा सीट से पिछला चुनाव हारे राम सिंह सैनी तथा मनन कौशल का नाम लिया जा रहा है। यहां से कई नाम और भी चरचाओं में हैं। यहां सपा के महबूब अली बहुत मजबूत उम्मीदवार हैं। उन्हें टक्कर देने के लिए भाजपा गंभीर चिंतन के बाद उम्मीदवार खड़ा करेगी।

हरपाल सिंह और राजीव तरारा

मंडी धनौरा में पिछली बार चौथे स्थान पर रहे हरपाल सिंह और नवयुवक राजीव तरारा में टिकट को लेकर खींचतान है जिसमें भाजपा के अधिकांश कार्यकर्ता तरारा के पक्ष में हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा चारों सीटों पर बुरी तरह हारी थी। बसपा दूसरे तथा भाजपा तीसरे और चौथे स्थान तक लटक गयी थी। ऐसे में चारों सीटों पर गहन मंथन के बाद उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार मोदी लहर में भारी मतों से विजयी हुआ था लेकिन अमरोहा विधानसभा सीट पर वह तीस हजार के करीब मतों से पिछड़ गया था।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.