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क्या कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा रहे प्रशांत किशोर?

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प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उनके काम करने के तरीके पर सवाल पहले भी उठते रहे हैं। कांग्रेस के कई नेता ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि प्रशांत किशोर की कार्यशैली से कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में खस्ताहालत को सुधारा नहीं जा सकता। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि किशोर को प्रदेश की जमीनी हकीकत पता नहीं है। इसलिए वे सुधार का जो प्रयास कर रहे हैं, उसका कोई मतलब नहीं रह जाता।

कांग्रेस पार्टी ने जिलाध्यक्ष बदले हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। प्रशांत किशोर दौरे कर रहे हैं। वे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं।

जिलों में हो रहे बदलाव के कारण समर्थकों में टकराव पैदा हो रहा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि प्रशांत किशोर की वजह से यह हो रहा है, जबकि वे तो अच्छा काम कर रहे थे।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से एक महीने पहले का समय बहुत चुनौतियां भरा रह सकता है


सुनने में आ रहा है कि राहुल गांधी को पत्र लिखकर भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। उन्हें नहीं लगता कि प्रशांत किशोर कांग्रेस की पहले से डूबी नैया को आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह पार लगा पायेंगे। उन्हें शक है कि किशोर के कारण कहीं हालत और बदतर न हो जाये।

मगर कई नेता इसलिए चुप्पी साधे हुए हैं कि उन्होंने बिहार विधानसभा के परिणाम देखे जिनमें नीतीश कुमार की जीत का श्रेय प्रशांत किशोर को मिल चुका है। जबकि असलियत यह रही कि वहां भाजपा के प्रति जनता में रोष था या महागठबंधन खासकर लालू यादव का जादू काम कर गया।

प्रशांत किशोर के लिए अभी विरोध की शुरुआत हुयी है। ऐसे ही चलता रहा तो चुनाव के मौके पर उन्हें भारी विरोध झेलना पड़ सकता है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम.