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हसनपुर बिजलीघर में तोड़फोड़ पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

हसनपुर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था

गर्मी के कारण विद्युत व्यवस्था की हालत जर्जर हो चुकी है। किसानों को सबसे अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वे उग्र होने को तैयार हैं। आयेदिन हो रहे धरने-प्रर्दशन का इस बात का सबूत हैं कि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। हसनपुर में नाराज किसानों पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बिजलीघर में तोड़फोड़ की और अभिलेख फाड़ दिये।

हसनपुर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की हालत पतली है। स्थिति इतनी खराब है कि कई गांव ऐेसे हैं जहां बिजली के दर्शन पिछले बीस दिन से नहीं हुए। किसानों की फसलें सूख रही हैं। किसान खेतों की सिंचाई के लिए बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, मगर बिजली उपलब्ध नहीं हो रही।

किसानों ने बताया कि उनके गांव में बीस दिन से बिजली नहीं है। जब वे बिजलीघर पर अपनी समस्या लेकर आते हैं तो उन्हें बहानेबाजी कर टरका दिया जाता है.


आरोप है कि हसनपुर बिजलीघर से संबद्ध नूरपुर खुर्द, झकड़ी के किसानों ने बिजलीघर पर नारेबाजी की और अपना रोष व्यक्त किया। बाद में किसान उग्र हो गये और उन्होंने बिजलीघर में तोड़फोड़ कर दी। एसएसओ सोमदत्त के साथ अभद्रता का आरोप लगाया गया है। कुर्सी-मेज उठाकर फेंक दी गयीं। यहां तक की अखिलेख फाड़ने का आरोप भी किसानों पर लगा है।

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किसानों ने बताया कि उनके गांव में बीस दिन से बिजली नहीं है। जब वे बिजलीघर पर अपनी समस्या लेकर आते हैं तो उन्हें बहानेबाजी कर टरका दिया जाता है। उनकी सुनवाई नहीं की जाती। किसान यूनियन समस्याओं को उठाता रहा है, मगर बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समस्या को सुलझाने के लिए प्रयास नहीं कर रहे।

कई जगह आंधी से तार टूटकर गिरे तो कई जगह जर्जर तार टूटकर खड़ी फसलों को बर्बाद कर चुके। बिजली विभाग की ओर से उसपर कोई गौर नहीं किया गया।

जेई रवीश त्यागी की तहरीर पर 13 नामजद और पचास अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गयी है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम हसनपुर.