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टूटा आम भाड़े के भाव बिक रहा है

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बछरायूं एक ऐसा नगर है जहां के हजारों लोग आम उत्पादन के कारोबार से जुड़े हैं। ये लोग नगर तथा जिले भर के गांवों के बाग ठेकों पर लेकर आम उत्पादन का कारोबार करते हैं। इनमें कई कारोबारी करोड़ों तक के ठेके पर बाग लेते हैं, जबकि दस-बीस लाख के बागों के कारोबारी अच्छी तदाद में हैं। आंधी से हुई बरबादी ने इनकी धड़कनें तेज कर दी हैं और ये लोग ऊपर वाले से दुआ कर रहे हैं कि अब आंधी से बचाये रखना।

यहां के इदरीश ठेकेदार ने कई बाग एक करोड़ में लिए हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से बागों का काम कर रहे हैं तथा आम की जैसी फसल इस बार थी, ऐसी फसल दशकों बाद देखी गयी। यदि अब भी मौसम की मेहरबानी बनी रही तो जो आम बचा है, उसी में मौज आ जायेगी लेकिन उसके घर का किसी को कोई पता नहीं। इदरीश के पास करीब चार सौ बीघा आम के बाग हैं।

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बछरायूं के हाजी महबूब, हाजी सुलेमान, खलील भाई, मुस्तफा और सादाब जैसे सैकड़ों लोग हैं जिन्होंने पचास-साठ लाख से अधिक-अधिक के बाग कई गांवों में ले रखे हैं। आंधी से इन सभी की फसल को 25 फीसदी का नुकसान हुआ है। बागों से सफाई करके आम बोरों में पैक कर दिल्ली भेजा रहा है। जहां प्रति बैग 45 रुपये कीमत मिल रही है। लेबर, पैकिंग तथा किराया लगाकर एक बैग पर तीस-32 रुपये खर्च आ रहा है। इसे अचार, चटनी और अमचूर बनाने वाली कंपनियां खरीद रही हैं। उनके लिए यह मामूली पैसों का माल सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन गया है।

बागवान लुट गया और उद्योगपति बन गया।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम मंडी धनौरा.