Header Ads

राजीव तरारा हरपाल सिंह पर भारी पड़ेंगे

rajeev-tarara-dhanora-vidhansabha

विधानसभा क्षेत्र से भाजपा भी सपा की तरह किसी मजबूत उम्मीदवार की तलाश में है। बीते चुनाव में यहां से पार्टी ने हरपाल सिंह को उम्मीदवार बनाया था लेकिन वे सपा, बसपा और रालोद उम्मीदवारों के बाद चौथा स्थान हासिल कर सके थे। इसलिए भाजपा के नेता एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश में हैं जो इस बार सीट पर कब्जा कर सके या कम से कम पार्टी की शर्मनाक हार का कारण न बने।

totaram-vidhayak

तोताराम गंगेश्वरी से विधायक रह चुके हैं.


1996 में गंगेश्वरी से विधायक रहे तोताराम के बेटे राजीव तरारा का नाम यहां के कार्यकर्ता आगे करना चाहते हैं। हाइकमान के भय से ऐसे लोग अभी खुलकर सामने नहीं आना चाहते लेकिन गोलबंदी तेजी पर है। संघ, विहिप और बजरंग दल के कई कार्यकर्ता तरारा के साथ हैं।

राजीव तरारा, हरपाल सिंह से कई कारणों से मजबूत हैं। जिला पंचायत चुनाव में वे वार्ड-17 से विजयी रहे हैं। यहां से उन्होंने पूर्व मंत्री तथा सपा नेता जगराम सिंह के भाई कृपाल सिंह को हराया है। यह वार्ड सपा मंत्री कमाल अख्तर का गृह क्षेत्र है। यहां से विजय हासिल करना ही उनकी मजबूती का प्रमाण है। कृपाल सिंह के प्रचार में कमाल अख्तर ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

harpal-singh-gajraula

हरपाल सिंह मौजूदा समय में गजरौला के चेयरमैन हैं. उनके भाई की पत्नी को तरारा की माता ने हराया है.


उससे पूर्व तरारा की माता ने हरपाल सिंह के भाई पूर्व विधायक प्रीतम सिंह की पत्नि और उससे पहले जगराम सिंह के भाई कृपाल सिंह को जिला पंचायत सदस्य के चुनावों में पराजित किया। 1996 के विधानसभा चुनाव में तरारा के पिता तोताराम ने पूर्व मंत्री जगराम सिंह को हराया था। वे भाजपा के उम्मीदवार थे।

जरुर पढ़ें : रालोद-भाजपा गठबंधन हरपाल के लिए खतरा, जयदेव भी प्रभावित होंगे


राजीव तरारा का परिवार मंडी धनौरा से पिछली बार भाजपा उम्मीदवार रहे हरपाल सिंह और रालोद उम्मीदवार रहे जगराम सिंह, दोनों ही नेताओं पर हावी रहा है। तरारा के परिवार के सदस्यों ने इन दोनों परिवारों के सदस्यों को अबतक चार बार हराया है। जिसमें एक बार विधानसभा और तीन बार जिला पंचायत के चुनाव शामिल हैं। तरारा का परिवार एक बार भी नहीं हारा।

तरारा समर्थकों का कहना है कि यदि राजीव तरारा को इस बार भाजपा धनौरा सुरक्षित सीट से उम्मीदवार बनाती है तो वे यहां भी समाप्त हो चुकी गंगेश्वरी सीट के चुनाव का इतिहास दोहराकर भाजपा को विजय दिलाने में सफल रहेंगे। हरपाल सिंह को यदि फिर से यहां मैदान में उतारा गया, तो उनका हश्र पिछली बार से भी बुरा होने वाला है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम मंडी धनौरा.