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'पढ़ाई का मतलब है सीखना और जानना’

अनमोल हर्षाना

सीबीएसई बोर्ड में दसवीं कक्षा में सभी विषयों में A-1 यानि प्रत्येक विषय में 10 सीजीपीए प्राप्त करने वाले अनमोल हर्षाना ने सभी विषयों का अध्ययन बारीकी से किया और सफलता हासिल की। अनमोल गजरौला के सेंट मैरी कॉन्वेन्ट स्कूल के छात्र हैं।

हमने अनमोल से कुछ सवाल किये, जिनका उन्होंने सहजता से जबाव दिया। प्रस्तुत है उसके मुख्य अंश :

प्र. आपके लिए पढ़ाई का क्या मतलब है?
उ. मेरे लिए पढ़ाई का सीधा मलतब है नया सीखना और जानना। किताबें पढ़ी जा सकती हैं और उनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता है, लेकिन हर विषय को अपनी तरह से पढ़ा जाये तो परिणाम अच्छे आ सकते हैं।

प्र. कितने घंटे पढ़ते थे?
उ. नियमित तीन या चार घंटे। छुट्टी के दिन करीब 5 घंटे बहुत होते हैं। होमवर्क आदि काम अलग हैं।

प्र. पसंदीदा विषय कौन सा है?
उ. वैसे तो मेरे सर्वाधिक अंक मैथ्स में आते हैं, लेकिन सभी विषय मेरे पसंदीदा हैं। मुझे सवालों से कुछ अधिक लगाव है, खासकर ट्रिग्नोमेट्री और एलजेब्रा से। ऐसा करते हुए आप बोर नहीं होते, बल्कि यह तो रोमांचक अनुभव होता है।

प्र. परिजनों और दोस्तों का सहयोग कैसा रहा?
उ. सभी ने मेरा हौंसला बढ़ाया। मेरे पिता मुझे विषय संबंधित नयी-नयी बातें बताते। दोस्तों का सहयोग भी अच्छा रहा।

अनमोल हर्षाना

प्र. बोर्ड परीक्षा में सबसे अधिक घबराहट कब हुई?
उ. पहले इम्तिहान से पहले। जब एक्जाम पेपर मेरे सामने आया तो मेरे दिल की धड़कन बढ़ गयी थी। मैंने आत्मविश्वास को खोने नहीं दिया और गहरी सांस ली। शांत मन से पूरा पेपर पढ़ा और हल करता चला गया। उसके बाद सब आसान होता गया।

प्र. क्या खेलों में भी रुचि रखते हैं?
उ. हां, खेल शरीर के लिए व्यायाम का काम करते हैं। इससे मानसिक तौर पर आप मजबूत बनते हैं। पढ़ने-लिखने के साथ खेलकूद बहुत जरुरी है। मैं बॉस्केटबॉल और बैडमिंटन खेलना पसंद करता हूं।

प्र. टीवी पर क्या देखते हैं?
उ. साफ-सुथरे मनोरंजक कार्यक्रम। डिस्कवरी और नेशनल ज्योग्राफिक चैनल भी देखता हूं क्योंकि इनसे बहुत कुछ नया पता चलता है।

प्र. सबसे अधिक किससे प्रभावित हैं?
उ. एपीजे अब्दुल कलाम जी से। उनकी सादगी और काम के प्रति समर्पण मुझे बहुत प्रभावित करता है। उन्होंने जिस तरह का जीवन जिया और उच्च विचार कहे, लिखे बहुत मायने रखते हैं। उनकी किताबें पढ़कर बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

प्र. भविष्य की क्या योजनायें हैं?
उ. अभी दसवीं पास की है। बारहवीं के बाद देखा जायेगा कि मेरा झुकाव किधर है। वैसे मैंने कई विकल्प खुले रखे हैं। ऐसा करना बहुत जरुरी है। आप हर विषय में उतने अच्छे नहीं हो सकते, इसलिए रास्ते सोच-समझकर चुनने के अवसर आपके पास हमेशा मौजूद रहेंगे।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम गजरौला.