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कमिश्नर आये, फटकार लगायी और चले गये

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मंडलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा जब अमरोहा के सरकारी अस्पताल में पहुंचे तो वहां अफरातफरी मच गयी। वे सब चिकित्सक और कर्मचारी घबरा गये जो अस्पताल में लापरवाही करते हैं। हालांकि गर्मी काफी थी लेकिन चिकित्सक कुछ ज्यादा ही पसीने में नहाये नजर आये। लेकिन मंडलायुक्त भी केवल कार्यप्रणाली में सुधार की बात कहकर चले गये। थोड़ी-बहुत फटकार जरुर लगायी। वे भी अच्छी तरह जानते हैं कि लापरवाही मरीजों की जान भी ले सकती है।

मरीजों की देखभाल न करने के कारण एक मरीज की शिकायत पर नर्स को डांट लगायी गयी। उससे कहा कि वह आगे से ऐसी गलती नहीं करे।

मंडलायुक्त सुभाष चन्द्र जब इंमरजेंसी वार्ड पहुंचे तो वहां एक चिकित्सक की ड्यूटी 24 घंटे दर्ज थी। वे हैरान रह गये। उन्होंने डाॅक्टर चरन सिंह से उसका कारण पूछा तो वे बगलें झांकते हुए नजर आये।

कमिश्नर ने जांच की रिपोर्ट शासन को भेजने के बारे में कहा। उन्होंने मरीजों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को स्टाफ की कमी का रोना रोते हुए भी देखा। अब मंडलायुक्त ऐसी खस्ताहाल व्यवस्था पर क्या कार्रवाई करते हैं, यह समय बतायेगा लेकिन इतिहास की बात करें तो सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थायें जस की तस हैं। कितने अधिकारी आये, फटकार लगायी गयी, मगर चिकित्सकों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती।

-गजरौला टाइम्स डाॅट काॅम अमरोहा.