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गंगा को साफ रखने के लिए केन्द्र सरकार मुहिम चलाये हुए है। गंगा नदी की सफाई पर पानी की तरह पैसा भी बहाया जा रहा है। नदी साफ नहीं हो पा रही और न लोगों को उसमें गंदगी करने से रुक रहे।

अमरोहा की जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी ने भी पवित्र गंगा नदी में दुग्धाभिषेक कर स्वच्छता अभियान का शुभारंभ कर दिया है। उन्होंने तिगरी गंगा तट पर एक बैठक का आयोजन भी किया जिसमें गंगा की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया। कई अन्य पहलुओं पर भी मंथन किया गया।

लेकिन वही सवाल कि गंगा की सफाई कैसे होगी? क्या सिर्फ अभियान और बैठकों से गंगा साफ हो जायेगी?

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इसपर लोगों की अलग-अलग राय है। गजरौला निवासी मनोज कुमार का कहना है कि गंगा की सफाई का जिम्मा सरकारों के हाथ नहीं, लोगों के हाथ होना चाहिए। लोग ही उसे गंदा करते हैं, तो साफ भी वे ही रखेंगे। यह उनकी जिम्मेदारी बनती है। करोड़ों-अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं होगा।

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वहीं तिगरी तट पर अनुज सिंह ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान ऐसी जगह करने की व्यवस्था की जाये कि उसके अवशेष गंगा में न जाने पायें या उन्हें तुरंत साफ किया जाये। गंगा तट पर लगने वाले मेलों आदि पर निगाह रखी जाये ताकि श्रद्धालु पाॅलिथिन आदि गंगा में फेंके नहीं। लोगों की जागरूक किया जाना बहुत जरुरी है।

अमरोहा के रोहन कुमार ने कहा कि सरकार की कवायद ठीक है। वह विज्ञापन द्वारा सफाई का प्रचार करती रही है। घाटों की सफाई के लिए कुछ लोग नियत हों जो उनकी देखरेख करें। जब घाट साफ रहेंगे तो गंगा भी साफ रहेगी।

-गजरौला टाइम्स डाॅट काॅम गजरौला.