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...और फिर उसने फांसी लगा ली!

suicide

सोहरका गांव में एक दस साल की लड़की को इतना गुस्सा आया कि उसने फांसी के फंदे पर झूलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

दस साल की छात्रा के पिता ने उससे मोबाइल फोन पर बात करने से मना किया था। जानकारी के अनुसार उसे पिता ने हिदायत दी कि वह अभी छोटी है, फोन का इस्तेमाल अधिक न करे। इसपर बेटी नाराज हो गयी। वह इतनी नाराज हुई कि खेत पर पहुंच गयी और वहां उसने आम के पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।

  • बच्चों में सहनशीलता ख़त्म होती जा रही है.

  • जरा-जरा बात पर बच्चे गुस्सा करते हैं.

  • छोटी-छोटी बातों को गंभीरता से लेते हैं.

  • अनजाने में गलत कदम उठाते हैं.


इससे पता चलता है कि बच्चों में बर्दाश्त करने की क्षमता कम होती जा रही है। वे जरा-जरा बात पर गुस्सा करने लगते हैं। उन्हें बड़ों की हिदायतें बुरी लगती हैं। यह उनके अहम को ठेस पहुंचाने की तरह होता है। वे उसे गंभीरता से लेते हैं और गलत कदम उठा बैठते हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम हसनपुर.