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जीवन जीने की कला हैं योग एवं आयुर्वेद- डॉ.जिंदल

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योग सिर्फ एक प्रकार की एक्सरसाइज नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज़्यादा है। अगर इसे जिंदगी में शामिल कर लिया जाए, तो यह फिट रहने के लिए आपकी कई तरीके से मदद करेगा। यह कई तरह की बीमारियों पर नियंत्रण रखता है और आपको आसान तरीके से स्वस्थ बनाता है।​ ​उक्त विचार डॉ. दिलबाग जिंदल ने आर.ए.सी.एल. गियरटेक लिमिटेड, गजरौला में आयोजित​ विशाल योग​ शिविर में व्यक्त किये।

कम्पनी के लॉन में एकत्रित हुए योग के प्रति उत्साही लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर डायबिटीज़ को जड़ से नहीं निकाला जा सकता, तो इस पर कंट्रोल तो किया ही जा सकता है। और यह केवल आयुर्वेद एवं योग के द्वारा ही संभव है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर आयुर्वेद एवं योग का उद्देश्य बीमार पड़ने पर केवल उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों को बीमार न पड़ने का तरीक़ा सिखाना है।​ ​योग का प्रयोग शारीरिक, मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है। आज ​के​ चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है।

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डॉ.जिंदल ने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि योग एवं आयुर्वेद को केवल एक दिन विशेष तक ही सीमित न रखकर, अपनी दिनचर्या का अंग बनाकर उत्तम स्वास्थ्य सुनिश्चित करें।​

इस अवसर पर ​पधारे आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त योगगुरु संजीव प्रधान ने जानकारी देते हुए बताया कि हर साल 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है।

​उन्होंने कहा कि ​शरीर को अलग अलग मुद्राओं में मोडऩा या असंभव लगने वाली क्रियाएं करना ही योग नहीं है। योग में व्यक्ति का मस्तिष्क और शरीर कुछ इस तरह मिलते हैं जिससे दिमागी कसरत तो होती ही है साथ ही शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचे अत्यंत लाभ भी मिलते हैं।​ योग के जादुई फायदों के कारण ही पूरा संसार अब योग की ओर बढ़ रहा है।​ ​जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,​ ​ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं।

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​एक सवाल के जवाब में श्री प्रधान ने बताया कि एक तरफ योगासन मांस पेशियों को पुष्टता प्रदान करते हैं जिससे दुबला पतला व्यक्ति भी ताकतवर और बलवान बन जाता है वहीँ दूसरी ओर योग के नित्य अभ्यास से शरीर से फैट कम भी हो जाता है इस तरह योग ​पतले और ​मोटे दोनों ​व्यक्तियों ​के लिए फायदेमंद है।

संगीतमय ​योग के पश्चात श्री प्रधान ने उपस्थित लोगों को सूक्ष्म ध्यान भी कराया। ध्यान के लाभ ​गिनाते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान भी योग का अतिमहत्वपूर्ण अंग है।​ ​योगाभ्यास के पश्चात कुछ पल ध्यान की गहराई में गोता लगाने से असीम उर्जा का अनुभव होता है। ​​विश्वभर में योग प्रमुख आर्थिक गतिविधि बन गई है।​

योग को आज के ज़माने की जरुरत बताते हुए उन्होंने कहा कि ​​आज की भौतिकता वादी संस्कृति में दिन रात भाग दौड़, काम का दबाव, रिश्तो में अविश्वास आदि के कारण तनाव बहुत बढ़ गया है। ऐसी स्तिथि में मेडिटेशन से बेहतर और कुछ नहीं है ध्यान से मानसिक तनाव दूर होकर गहन आत्मिक शांति महसूस होती है, कार्य शक्ति बढती है, नींद अच्छी आती है। कुछ अध्यनों में पाया गया है कि कुछ योगासनो और मैडिटेशन के द्वारा आर्थराइटिस, ​पीठ दर्द आदि में काफी सुधार होता है और दवा की ज़रुरत कम होती जाती है।​​

योगगुरु ने बताया कि संक्षेप में कहें तो योग केवल शारीरिक व्यायाम करने या रोगों को दूर करने वाली क्रिया नहीं है बल्कि जीवन को बेहतर बनाने वाली एक ​सम्पूर्ण ​जीवन ​पध्यति है।

​कार्यक्रम के पश्चात कम्पनी के प्रबंधक ने सभी ​का आभार प्रकट किया व कहा कि कम्पनी के कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा। इस​ अवसर पर​ आर.ए.सी.एल. गियरटेक लिमिटेड​ ​कंपनी के ​​प्लांट हेड, अधिकारीगण तथा सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

-गजरौला टाइम्स डाॅट काॅम गजरौला.