Header Ads

पीएम के स्वच्छता अभियान को पलीता लगाने पर तुले चेयरमेन हरपाल

harpal-singh
गजरौला की गंदगी को देखकर पता चलता है कि यहां के पालिका प्रशासन को यहां की स्वच्छता से कोई लेना देना है ही नहीं.

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छता अभियान को भाजपा के पूर्व विधायक और गजरौला के मौजूदा चेयरमेन हरपाल सिंह अंगूठा दिखा रहे हैं। गजरौला की गंदगी को देखकर पता चलता है कि यहां के पालिका प्रशासन को यहां की स्वच्छता से कोई सरोकार नहीं है।

केन्द्र सरकार की ओर से दिन भर विभिन्न टीवी चैनलों पर खुले में शौच न करने, स्वच्छता की ओर ध्यान देने के नियमित विज्ञापन चलाये जा रहे हैं। इनपर सरकार दोनों हाथों से जनता की गाढी कमाई को लुटा रही है। आम आदमी को छोड़िये इसका समाज के जुम्मेदार लोगों पर भी कोई असर नहीं पड़ रहा। गजरौला इसका ठोस सबूत है और पालिकाध्यक्ष हरपाल सिंह एक चमकता चेहरा हैं, जिन्हें नगर में बढ़ रही गंदगी से कोई सरोकार नहीं।

harpal-singh-chairman

हरपाल सिंह को उक्त पद पर चौथा साल चल रहा है जबकि प्रधानमंत्री ने दो वर्ष से सफाई अभियान चला रखा है। मजेदार बात यह है कि दो वर्ष में ही नगर में गंदगी को बढ़ावा मिल रहा है जबकि इस वर्ष से कई स्वच्छ स्थानों पर गंदगी करने की कवायद ने तेजी पकड़ी है।


पालिका की गलती क्या है?


नगर के संभ्रांत लोग कई बार पालिकाध्यक्ष हरपाल सिंह से मांग कर चुके कि नगर में कुछ स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनायें। लेकिन पालिकाध्यक्ष ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

जिन घरों में शौचालय नहीं हैं, उनके घरों में सरकारी योजनाओं से मिल रहे धन से शौचालय बनवाने में चेयरमेन व सभासद जरुरतमंदों की सहायता करें। कूड़ा-कचरा समय से साफ करायें।

पालिकाध्यक्ष की यह गलती है कि वे इन सभी जरुरी कामों की ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहे। जिसके कारण एक साफ सुथरा शहर नारकीय स्थिति में पहुंच चुका। यह और भी दुखद है कि जब से केन्द्र सरकार ने स्वच्छता अभियान छेड़ा है तबसे यहां गंदगी कुछ ज्यादा ही बढ़ती जा रही है।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


Gajraula Times  के ताज़ा अपडेट के लिए हमारा फेसबुक  पेज लाइक करें या ट्विटर  पर फोलो करें. आप हमें गूगल प्लस  पर ज्वाइन करें ...