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राजनीतिक पुर्नजागरण के पुरोधा खटकने लगे चन्द्रपाल को

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सबसे बजुर्ग अतिथि चौ. चन्द्रपाल सिंह ने अध्यक्षता कर रहे भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौ. विजयपाल सिंह और देवेन्द्र नागपाल की भी आलोचना की.

अपनी ही पार्टी के नेताओं द्वारा बलपूर्वक हाशिये पर धकेल दिये गये चौ. चन्द्रपाल सिंह को कुर्सी मिलते ही उन लोगों में खोट नजर आने लगा है जिन्होंने रात दिन एक कर उन्हें फिर से राजनीतिक सम्मान दिलाने में अहम भूमिका दिलायी। पिछले हफ्ते यहां आयोजित जाट महासम्मेलन में चन्द्रपाल के भाषण में उनके निशाने पर ऐसे ही लोग रहे।

इन महापंचायत में युवा जाट नेताओं ने सभी दलों के जाटों को एक मंच पर लाने को आमंत्रित किया था। साथ ही राजनीतिक भाषण देने की पूरी मनाही थी। एक दूसरे की आलोचना से परहेज करने का निर्णय हुआ था। रेनू चौधरी समेत सभी वक्ताओं ने मर्यादाओं का पालन किया।

इस कार्यक्रम के सबसे बजुर्ग अतिथि चौ. चन्द्रपाल सिंह ने अध्यक्षता कर रहे भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौ. विजयपाल सिंह की उनके मुंह पर आलोचना की। उन्होंने बसपा नेता डा. सोरन सिंह के संतुलित बयान कर आपत्ति जतायी। इसी के साथ उन्होंने जाटों से देवेन्द्र नागपाल का समर्थन करने पर भी गहरी नाराजगी जतायी। कहा कि उसके पीछे क्यों लग रहे हो। वह पैसे वाला आदमी है। पैसे वाले किसी के नहीं होते।

पूर्व मंत्री के इन शब्दों ने आयोजकों तथा मौजूद श्रोताओं में असहज स्थिति उत्पन्न कर दी। लोग धीरे-धीरे खिसक लिए। पंडाल में आयोजकों के साथ चंद लोग रह गये तो चौधरी साहब कार्यक्रम संचालक पर ही विफर पड़े, बोले -यह आदमी ठीक नहीं, वक्ताओं से अधिक समय खुद ले गया। लोग थक कर चले गये, वे अब किसे भाषण सुनायें?

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत चुनाव में सकीना बेगम का नाम हटवाने और रेनू चौधरी का नाम लाने में देवेन्द्र नागपाल ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। उनकी जीत में भी नागपाल ने रात दिन एक कर दिया था। लंबे समय से जनपद में हाशिये पर चली गयी जाट राजनीति का यह पुरुत्थान था जिसमें देवेन्द्र नागपाल की विशेष भूमिका थी। खुले मंच से इस तरह के लोगों की अब चन्द्रपाल आलोचना करके क्या सिद्ध करना चाहते हैं?

देवेन्द्र नागपाल का कहना है कि जिले में पंजाबी जाट हैं और वे भी पंजाबी हैं। इसलिए दोनों में पंजाबियत का अटूट बंधन है। यही कारण रहा कि वे अपने पंजाबी समुदाय के चौ. चन्द्रपाल सिंह के साथ उनके सम्मान के लिए खड़े रहे। पंजाबियत के नाते ही उन्हें जाट समुदाय का समर्थन हासिल है तथा वे भी हर तरह से उनके साथ हैं।

चन्द्रपाल सिंह के बयान पर चौ. विजयपाल सिंह ने बहुत ही सधे शब्दों जबाव दे दिया था। उन्होंने कहा था कि एक दूसरे की आलोचना मत करो। जाट बहुत ताकतवर और समझदार बिरादरी है।

कावेन्द्र सिंह भी चौ. चन्द्रपाल सिंह के बयान से असहज हैं। उनका कहना है कि वे पार्टी में क्या जबाव देंगे?

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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