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'विश्व में आयुर्वेद की तरफ झुकाव हो रहा’

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जिंदल हॉस्पिटल में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया.

भारत सरकार ने आयुर्वेद की पुनर्स्थापना के लिए एवं सभी के लिए सुलभ हानिरहित चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के प्रचार हेतु प्रत्येक वर्ष धनवंतरी जयंती को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में घोषित किया है जो की सम्पूर्ण आयुर्वेद जगत के लिए गर्व का विषय है।

उक्त विचार जिंदल हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. बीएस जिंदल ने प्रथम राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं धन्वन्तरि भगवान के प्राकट्य दिवस के अवसर पर जिंदल हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए व्यक्त किये।

उन्होंने बताया कि आज ही के दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश लिए श्री धन्वन्तरि भगवान जी का प्राकट्य हुआ था। डा. जिंदल ने आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं आयुष मंत्री (भारत सरकार) श्री श्रीपद यशोनायिक जी को प्रथम राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस घोषित करने हेतु सभी की तरफ से आभार प्रकट किया।

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प्रथम राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिंदल हॉस्पिटल की ओर से धनौरा उच्चीकृत प्राथमिक चिकित्सालय में कार्यरत वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. सुधाकर सिंह को “धनवंतरी अवार्ड” प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. सुधाकर सिंह ने कहा कि जिंदल हॉस्पिटल वर्षों से सामाजिक, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक आदि अनेक क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। हॉस्पिटल में आयुर्वेद के प्रचार, प्रसार हेतु  अनेकों कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन किया जाता रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा आज आयुर्वेद का सूर्य उदय हुआ है, लेकिन भारत सरकार को अपनी इस अति प्राचीन पद्धति को विश्व में पुनर्स्थापना हेतु गंभीर प्रयास, शोध एवं शुद्ध औषधि, नूतन चिकित्सालयों का निर्माण कराना होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हॉस्पिटल के चिकित्सक डा. दिलबाग जिंदल ने बताया की आज पूरे विश्व में जिस प्रकार व्यक्तियों का झुकाव एवं विश्वास आयुर्वेद के प्रति बढ़ा है उसके लिए श्री महेश योगी, श्री रामदेव महाराज एवं श्री श्री रविशंकर जी के प्रयासों एवं आशीर्वाद का ही फल है।

हॉस्पिटल की बालरोग चिकित्सक डा. राधा जिंदल ने बताया की आज जितना भी आधुनिक चिकित्सा का प्रसार हुआ है सभी आयुर्वेद से उत्पन्न हुए है। कुछ दिन पूर्व मेदांता हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. त्रेहन ने इसी प्रकार की मिश्रित चिकित्सा पद्धति को  विकसित करने हेतु भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के समक्ष अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया। अतः हमारा ऐसा मानना है कि आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा को मिलाकर एक ऐसी चिकित्सा पद्धति को विकसित किया जाये तो देश काल के अनुरूप भारत के लिए चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।

पूर्व में जिंदल हॉस्पिटल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजित हुआ जिसमें धन्वन्तरि भगवान की स्तुति, पूजा, यज्ञ आदि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. कृष्णदेव, डॉ. एमपी शर्मा, डॉ. तान्या जिंदल, महिपाल सिंह, कमलेश जिंदल, अमायरा, प्रणव, दीपिका, नविता, सरदार कुलवीर सिंह, सोनू कुमार, ममता, धरमपाल सिंह, मोहित सिंह, प्रियंका चौहान, सावित्री देवी आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।

-टाइम्स न्यूज़ मंडी धनौरा.


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