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लोग नवरात्र शुरु होने पर देवी-देवताओं की पूजा में लग गये जबकि चोर भक्त और उनके देवी-देवताओं को भी नहीं बख्श रहे.

सितम्बर माह में चोरी और लूट की आधा दर्जन घटनाओं से नागरिकों में असुरक्षा की भावना है। किसी भी घटना का सुराग न लगने से पुलिस से भी लोगों का भरोसा उठने लगा है। महीने के पहले हफ्ते में 12 लाख की दिन दहाड़े एक शिक्षिका के घर हुई चोरी का खुलासा न होने पर घटना के बीस दिन बाद शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने घटना के खुलासे और चोरों को पकड़ने के लिए थाने में पुलिस का घेराव किया और तीखी नोंकझोंक भी हुई। कोरा आश्वासन देकर शिक्षकों को लौटा दिया। एक माह होने को आया लेकिन मामला ज्यों का त्यों है। बल्कि पुलिस के ढीले रवैये को भांप कर चोरों के हौंसले बुलंद हो गये। इस घटना के बाद दिन दहाड़े बदमाशों ने केएफसी का दो लाख से अधिक का कैश उस समय लूट लिया, जब एक व्यक्ति उसे जमा करने बाइक से जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कराने गये पीड़ित को ही लापरवाह कहकर दोषी ठहराने का प्रयास किया।

चोरी और लूट की इन दो बड़ी घटनाओं के बाद मायापुरी और अंबेडकरनगर में एक रात में ही चोरी की तीन घटनाओं को चोरों ने अंजाम दिया। तीस सितंबर को एक मंदिर की सौर लाइट पर चोरों ने हाथ साफ करके नगर में आधा दर्जन चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस इतने पर भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है तथा इन घटनाओं में से किसी भी घटना के अपराधियों का न तो सुराग लगा पायी और न ही माल बरामद कर पायी।

लोग नवरात्र शुरु होने पर देवी-देवताओं की पूजा में लग गये जबकि चोर भक्त और उनके देवी-देवताओं को भी नहीं बख्श रहे। इन घटनाओं में मायापुरी के मंदिर से चोरों द्वारा देवी का छत्र और आभूषण चोरी की भी वारदात शामिल हैं। चोरों का हौंसला इतना बढ़ गया है कि वे भगवानों के दरबार को भी लूटने से बाज नहीं आ रहे तो इंसान को क्या छोड़ेंगे।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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