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कुत्तों के भय से मॉर्निंग वॉक भी बंद

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कई मोहल्ले तो ऐसे हैं जहां रात के समय गुजरना खतरे से खाली नहीं. प्रातः कालीन टहलने जाने वाले लोगों पर भी कई कुत्ते भौंकते हैं और काटने का प्रयास करते हैं.

गजरौला में आवारा कुत्तों की भरमार है। कई लोगाेंं तथा बच्चों को ये कुत्ते काट चुके। लोगों ने नगर पालिका से इन कुत्तों को बाहर करने की मांग की है। कई मोहल्ले तो ऐसे हैं जहां रात के समय गुजरना खतरे से खाली नहीं। स्थानीय उद्योगों में सेवारत बाहरी लोग इससे बहुत परेशान हैं। उन्हें अनजान जानकर कुत्ते उनके पीछे पड़ जाते हैं। कई बार वे उन्हें काट भी लेते हैं।

प्रातः कालीन टहलने जाने वाले लोगों पर भी कई कुत्ते भौंकते हैं और काटने का प्रयास करते हैं। कई लोग चाहते हुये भी कुत्तों के भय से टहलने नहीं जाते। कम होने के बजाय कुत्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसका कारण उनका तीव्र प्रजनन है।

थाना चौक से अल्लीपुर चौपले और रेलवे मार्ग पर चुपचाप कुत्ते बैठे रहते हैं तथा लोगों द्वारा भोर काल में उधर से गुजरने वालों के पीछे पड़ जाते हैं। भयभीत व्यक्ति मुश्किल से वहां गुजरता है तथा फिर कभी उधर आने का या तो साहस ही नहीं कर पाता या फिर डंडा लेकर उधर से गुजरता है। डंडे वाले को देखकर वे और जोर से भौंकते हैं लेकिन रहते उससे दूर ही हैं।

बस्ती तथा फाजलपुर में भी रात में डयूटी पर जाने-आने वालों को कुत्तों का खतरा बना रहता है। यहां के सरकारी अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं। कुत्ते के काटने पर बहुत से लोग सिहाली गांव में झाड़-फूंक कराने चले जाते हैं। ऐसे में बहुत से घायल मर जाते हैं।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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