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सर्दियों में रखें बच्चों का ख़ास ख्याल : डा. जिंदल

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जिंदल हॉस्पिटल में आयोजित शिशु स्वास्थ्य मेले में बालरोग विशेषज्ञ डा. राधा जिंदल ने कहा कि ठंड के मौसम में बच्चों की देखभाल में लापरवाही हुई तो मामला बिगड़ भी सकता है.

सर्दियां शुरू हो चुकी हैं, पर इस मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत नवजात शिशुओं को होती है, क्योंकि नवजात को इस मौसम का सामना करने में थोड़ा वक्त लगता है। उनका शरीर नाजुक होने के साथ उनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। सर्दी से बच्चों को बचाने के लिये हमें ख़ास ध्यान देने की जरुरत है, ताकि बच्चे कम बीमार पड़ें और उनका आने वाला कल रोगमुक्त हो। ये उद्गार हिमालय ड्रग कंपनी के सौजन्य से जिंदल हॉस्पिटल में आयोजित शिशु स्वास्थ्य मेले में बालरोग विशेषज्ञ डा. राधा जिंदल ने बतौर मुख्य चिकित्सक व्यक्त किये।

उन्होंने बताया कि सर्दी का सबसे बड़ा खतरा मासूम बच्चों पर मंडराता है। सर्दी के मौसम में बच्चों को लगातार छींक, जुकाम, नाक बहना, खांसी, बुखार, शरीर में दर्द और गले में इंफेक्शन जैसी बीमारियां हो सकती हैं। अक्सर इनका कारण वायरस होते हैं, जो संक्रामक होते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आमतौर पर सर्दी-जुकाम लंबे समय तक नहीं रहते और सही इलाज मिलने पर 4 से 5 दिन में बच्चा ठीक हो जाता है।

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राधा ने आगाह किया कि ठंड के मौसम में बच्चों की देखभाल में लापरवाही हुई तो मामला बिगड़ भी सकता है। कई बार बच्चे न्यूमोनिया की चपेट में आ जाते हैं, जो काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इतना ही नहीं बच्चों में सर्दी जुकाम की अनदेखी उन्हें अस्थमा और साइनोसाइटिस का मरीज बना सकती है।

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कार्यक्रम के प्रारम्भ में शिशु स्वास्थ्य मेले का विधिवत उद्घाटन जिंदल हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डा.बी.एस.जिंदल ने किया। उन्होंने कहा कि आने वाली कड़ाके की इस सर्दी से कोई नहीं बच सकता है। लेकिन इस सर्दी में खुद को स्वस्थ रखने का इंतजाम हमारे ही हाथ में है। सर्दी के कहर से अपने बच्चे को बचाने के लिए जरूरी है कि उसे ठीक से गर्म कपड़े पहनाएं और सर्द हवाओं से बचा कर रखें क्योंकि आपकी जरा सी लापरवाही आपके बच्चे को मुश्किल में डाल सकती है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि अपने शिशु का टीकाकरण नियमित रूप से करवाएं ताकि वह वायरस और बैक्टीरिया से दूर रहें।

इस अवसर पर डा. राधा ने जानकारी दी की शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु जिंदल हॉस्पिटल में आयोजित मासिक कार्यक्रम “स्वर्णामृतम” में पिछले वर्षों में अब तक तक़रीबन 1210 बच्चों का परिक्षण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चों में यह पाया गया है कि इस कार्यक्रम की केंद्र बिंदु ‘स्वर्णप्राशन’ नामक औषधि के नियमित सेवन से बच्चों को खांसी, जुकाम, पेट ख़राब होना आदि अनेकों आम बीमारियों से छुटकारा मिला जिससे जल्दी-जल्दी होने वाले रोगों से छुटकारा पाकर बच्चों का स्वास्थ्य पहले से अच्छा पाया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों को समझाते हुए जिंदल हॉस्पिटल के चिकित्साधिकारी डा. दिलबाग जिंदल ने बताया कि सर्दी में होने वाली बीमारियों के लक्षणों को शुरू में ही पहचान कर अगर सही इलाज दिया जाय, तो बच्चों को न्यूमोनिया और दमे जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाया जा सकता है। हल्की ठंड लगने पर घरेलू नुस्खों की मदद से इसका इलाज किया जा सकता है। परंतु बुखार आने पर, लम्बे समय तक खांसी रहने पर, अत्यधिक सुस्त रहने अथवा दूध कम पीने पर अपने शिशु को बिना देरी किये डॉक्टर के पास अवश्य लेकर जाएँ। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों को अपने नौनिहालों को सर्दी से होने वाली बीमारियों से कैसे बचाएं उसके लिए कुछ आसान टिप्स भी दिए।

इस कार्यक्रम में बच्चों को नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श के साथ ही स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रणव पहला, तन्मय जैन दूसरा तथा डिम्पी तीसरा स्थान पाकर विजेता रहे। साथ ही भाग लेने वाले सभी 76 बच्चों को हिमालय ड्रग कंपनी के प्रतिनिधि राजकुमार कौल ने प्रमाण पत्र व पुरस्कार वितरित किये गए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विशाल गुप्ता, कमलेश जिंदल, डा. कृष्णदेव, डा. तान्या, डा. संदीप आर्य, दिगंत कुमार, दीपिका, मोहित कुमार, नविता, सरदार कुलवीर सिंह, सोनू सैनी, नयना आदि मौजूद रहे।

-टाइम्स न्यूज़ मंडी धनौरा.


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