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नोटबंदी का असर : किसी की जेब कटी, कोई ठगा गया

नोटबंदी ने हालात बेकाबू कर दिये हैं. कई जगह तो मारपीट भी हुई हैं और आयेदिन झड़पों के केस सामने आ रहे हैं. अपराधियों को भी ऐसे अवसर पर मौका मिल रहा है.

नोटबंदी का सबसे बुरा असर आम आदमी पर पड़ा है। उसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

उधर नोटबंदी ने हालात बेकाबू कर दिये हैं। कई जगह तो मारपीट भी हुई हैं और आयेदिन झड़पों के केस सामने आ रहे हैं। अपराधियों को भी ऐसे अवसर पर मौका मिल रहा है।

जिले के नौगांवा सादात के नई बस्ती मोती मस्जिद वाली गली के एक मजदूर की जेब काट ली गयी। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे जोड़े थे जिन्हें वह बैंक में बदलवाने गया था। अगले साल उसकी बेटी की शादी होनी है। मजदूर महबूब का पूरा परिवार इस घटना के बाद सदमे में है। वह प्रथमा बैंक की शाखा में 45 हजार रुपये जमा करने पहुंचा था।

डिडौली के गांव सरकड़ा अजीज की रहने वाली एक महिला से एक व्यक्ति ने 12 हजार रुपये उड़ा लिये और महिला को उसकी भनक भी नहीं लगी। कमला देवी जोया के एसबीआई बैंक में 40 हजार रुपये जमा करवाने आयी थी। दूसरी लाइन में खड़े एक व्यक्ति पर भरोसा कर उसने रुपये गिनने को कहा। बाद में जब महिला फार्म भरने के बाद कांउटर पर गयी तो कुल रुपयों में 12 हजार कम निकले। महिला ठगी गयी थी।

इस तरह के मामले सभी जगह देखने को मिल रहे हैं।

पिछले दिनों हसनपुर में एटीएम कई दिनों बंद रहे। नोटबंदी के बाद लोगों को पैसे निकालने और नोट बदलने के लिए बैंकों के सामने लंबी-लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। एटीएम से पैसे निकालने के लिए भी लंबी लाइन लग रही है। ऐसे में एटीएम बंद होने पर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। उसके बाद भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने भी बैंक प्रशासन का विरोध किया था। उनका कहना था कि प्रशासन को पता था कि लोगों को पैसे की जरुरत है। उन्होंने एटीएम खोले नहीं। इससे आम आदमी को दिक्कतें हो रही हैं।

-टाइम्स न्यूज अमरोहा.


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