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पाशा की हत्या के बहाने महबूब के खिलाफ अपने और पराये

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महबूब अली का राजनैतिक भविष्य दांव पर है. ऐसे में उनके चुनाव जीतने की उम्मीदों पर भी पानी फिरता दिखाई दे रहा है.

हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या किसने की या किसने करायी, यह पुलिस तफ्तीश का विषय है लेकिन सपा के कद्दावर नेता महबूब अली और उनके परिवार के लिए यह मामला खतरे की घंटी बन गया है। पूरा तुर्क समाज इसके लिए महबूब अली को दोषी मान रहा है। यह बिरादरी महबूब अली को माफ करने को तैयार नहीं है। उनके राजनैतिक विरोधियों को उनके खिलाफ इस्तेमाल करने को एक मजबूत हथियार मिल गया है जिसके सहारे वे उनकी राजनैतिक ताकत को नेस्तनाबूद करने की भरपूर कोशिश में जुट गये हैं। हालत यह है कि महबूब अली का राजनैतिक भविष्य दांव पर है। ऐसे में उनके चुनाव जीतने की उम्मीदों पर भी पानी फिरता दिखाई दे रहा है।

अमरोहा विधानसभा की तलहटी में तुर्क समाज खासी तादाद में है जिसके बल पर महबूब अली चुनाव जीतते आये हैं। ताजा घटना से तुर्क पूरी तरह एकजुट हो गये हैं तथा महबूब अली का वे नाम भी सुनना नहीं चाहते। ऐसे में यह वोट बैंक जिधर भी जायेगा उधर फतह की उम्मीद की जा रही है। यही वजह है कि बसपा, कांग्रेस और भाजपा सभी दलों के नेताओं के साथ महबूब अली के विरोधी सपा नेता भी घायल तुर्क समाज के घाव सहलाने पहुंच रहे हैं। इन नेताओं के दबाव से ही महबूब अली का नाम हत्या की रिपोर्ट में दर्ज किया गया है।

पार्टी के बाहर तो महबूब के विरोधी हैं ही लेकिन उनकी पार्टी में मौजूद उनके विरोधी अधिक खतरनाक हैं। उनके बढ़ते वर्चस्व को धराशायी करने का उन्हें एक बेहतर मौका मिला है जिसे वे जाया नहीं करना चाहते। इसीलिए सपा के कद्दावर नेता चन्द्रपाल सिंह सबसे अधिक मुखर हैं।

इससे बसपा को मिलेगा लाभ
इस घटना के राजनीतिक लाभ-हानि का आकलन भी लोग करने लगे हैं। महबूब अली के बाद यहां किसका उभार होगा? इसका जबाव ढूंढ रहे हैं। ज्यादातर लोग बसपा उम्मीदवार नौशाद इंजीनियर को इससे लाभ मान रहे हैं। उनका तर्क है कि मुस्लिम मत अब उनके पक्ष में एकजुट होंगे। जबकि दलित पहले ही उनके साथ हैं।

भाजपा इस सीट पर कमजोर मानी जा रही है। जाट सपा को हराने के लिए बसपा के साथ जाने की पहले ही तैयारी कर रहे हैं। तुर्कों में मुन्ना आकिल को कांग्रेस से उम्मीदवारी मिलने की पूरी उम्मीद है। यदि यह तबका एकजुट कांग्रेस के साथ चला गया तब भी बसपा ही यहां मजबूत बनकर उभरेगी।

ऐसे में नौशाद अली इंजीनियर के पक्ष में हालात स्पष्ट होते जा रहे हैं। इसी के साथ अमरोहा से सटी नौगांवा सादात सीट पर भी बसपा उम्मीदवार चौ. जयदेव सिंह को इसका लाभ मिलेगा।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.


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