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हालात ऐसे हैं कि गेंहू की बुवाई कम होगी

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एक अनुमान के मुताबिक अमरोहा जिले में अभी 30 प्रतिशत बीज ही रोपा गया है जो औसत से कम है.

गेंहू की बुवाई पर नोटबंदी का सबसे अधिक प्रभाव हो रहा है। किसानों का कहना है कि वे बीज और खाद खरीद नहीं पा रहे इसलिए देर हो रही है। उनका कहना है कि पैसे न होने के कारण समस्या उठानी पड़ रही है।

सरकार के नोटबंदी के फैसले ने यहां के किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वे इसी दुविधा में हैं कि कैसे अपने परिवार का पेट भरेंगे।

किसानों की चिंता फसल को लेकर सबसे ज्यादा है क्योंकि यही उनकी आय का मुख्य स्रोत है। बैंकों में लाइन लगाकर और घंटों खपाकर भी पर्याप्त धन नहीं मिल पा रहा है। सुबह तड़के अपना काम छोड़कर लोग बैंकों के आगे लाइन में खड़े हो जाते हैं। घंटों बीत जाने के बाद नंबर आता है तो कुछ पैसे निकल पाते हैं। कई बार जब कैश खत्म हो जाता है तो निराशा हाथ लगती है। किसान को खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर होना पड़ता है।

चीनी मिलों पर पर्ची न मिलने के कारण भी किसान परेशान है। जिला कृषि अधिकारी कहते हैं कि अमरोहा जिले में लगभग 30 प्रतिशत गेंहू बुवाई हुई है। उन्होंने इसे औसत से कम बताया है। हालांकि उनका अनुमान है कि बाकी बुवाई जल्द हो जायेगी। लेकिन नोटबंदी के कारण जो हालात उपजे हैं, उससे कहा जा सकता है कि इस बार गेंहू की बुवाई कम होगी।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.


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