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भाजपा में विरोध की लहर जारी है, कौन किस पर भारी है?

चेतन-चौहान-का-विरोध
अमरोहा जिले में बीजेपी कार्यकर्त्ता आपस में विरोध में ही उलझे हैं, और चुनाव करीब हैं.


भारतीय जनता पार्टी की अमरोहा विधानसभा सीटों पर पार्टी के घोषित उम्मीदवारों का विरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। सबसे ज्यादा विरोध हसनपुर और नौगांवा विधानसभा सीटों पर देखने को मिल रहा है।

अमरोहा जिले में भाजपा में पहले मोदी लहर का जिक्र होता था, लेकिन अब लगता है जैसे यहां भाजपा में विरोध की लहर जारी है। पता नहीं कौन-किस पर भारी है?

हसनपुर सीट पर दो खड़गवंशियों के समर्थक आमने-सामने हैं। चन्द्रपाल सिंह खड़गवंशी को बीजेपी की ओर से आगामी विधानसभा के उम्मीदवार के तौर पर टिकट मिल चुका है। इससे महेन्द्र सिंह खड़गवंशी के समर्थक नाराज हैं। महेन्द्र सिंह ने तो अपने समर्थकों संग सांसद कंवर सिंह तंवर के गजरौला स्थित फार्महाउस पर भी हाल में धरना दिया था। महेन्द्र वहां लंबे समय तक अन्न-जल त्याग कर डटे रहे थे। भीषण ठंड की परवाह किये बगैर खड़गवंशी समर्थक अपने नेता के साथ टस से मस नहीं हुए थे। बाद में उन्हें अमित शाह का न्यौता मिला, लेकिन बात नहीं बनी।

चन्द्रपाल खड़गवंशी का पुतला फूंका गया। उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई।

ऐसा लग रहा है जैसे हसनपुर में खड़वंशी समुदाय आपस में बंटता जा रहा है जिसका घाटा भाजपा को होना स्वाभाविक है। यहां सपा की ओर से कमाल अख्तर उम्मीदवार हैं।


नौगांवा सादात विधानसभा सीट पर गौर करें तो यहां भी भाजपा के उम्मीदवार चेतन चौहान का विरोध हो रहा है। चेतन चौहान पूर्व सांसद हैं तथा मौजूदा समय में निफ्ट के चेयरमैन भी हैं। वे अपने जमाने के अच्छे क्रिकेटर भी रह चुके हैं।

चेतन चौहान का विरोध पूर्व सांसद और भाजपा नेता देवेन्द्र नागपाल और राहुल चौहान के समर्थकों द्वारा किया जा रहा है। समर्थकों का कहना है कि स्थानीय नेताओं की उपेक्षा की जा रही है तथा बाहरी और क्षेत्र को न जानने वाले लोगों को टिकट दिया गया है।

अमरोहा में भी केएस सैनी को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है जिनका भी विरोध हो रहा है। भाजपा नेता राम सिंह सैनी के समर्थकों ने केएस सैनी का विरोध किया है।

कुल मिलाकर देखा जाये तो भाजपा में अमरोहा विधानसभा सीटों पर आपसी गुटबाजी के चलते कई समस्यायें आ रही हैं। यहां के कार्यकर्ता एकजुट नहीं हो पा रहे। विरोध के स्वर तीखे हो रहे हैं। इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव के परिणामों में देखने को मिल सकता है। यह एक तरह से भाजपा के लिए खतरे की घंटी भी बन सकता है क्योंकि मतदान को अधिक समय नहीं बचा है। नामांकन प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।

अमरोहा जिले की चार विधानसभा सीटों (अमरोहा, नौगांवा, हसनपुर और धनौरा) पर 15 फरवरी को मतदान होगा। चुनाव के परिणाम 11 मार्च को आयेंगे।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.


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