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जाट आरक्षण आंदोलन : बदलेगा आंदोलन का स्वरुप

यशपाल-मलिक-हरियाणा
जसिया धरने पर भाषण और कविता प्रतियोगिताओं में सैंकड़ों बच्चों ने भाग लिया.


हरियाणा में जाट आंदोलन को एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है। आंदोलन अभी शांतिपूर्ण चल रहा है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा है कि हरियाणा में जाट 20 जिलों में धरने पर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं, लेकिन सरकार चुप बैठी हुई है। जाटों की मांग को लेकर सरकार संवदेनशील नहीं है।

यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार सिर्फ 19 जिलों के लिए केन्द्र से 77 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात करने में जुटी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि धरने तो अब दिल्ली और राजस्थान में भी शुरु हो चुके हैं। वहां भी भारी मात्रा में जाट जुट रहे हैं।

जाट-आरक्षण-में-महिलाएं
जाट आरक्षण आन्दोलन में हरियाणा की महिलाएं भी पीछे नहीं हैं.

हरियाणा में जाट आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। यशपाल मलिक ने एक धरने के दौरान कहा था कि यदि सरकार के पास लाठी है, तो उनके पास भी डंडे हैं। इसलिए सरकार शांतिपूर्ण धरना दे रहे जाटों को दबाने या डराने का प्रयास न करे। उन्होंने यह भी कहा कि 12 फरवरी से आंदोलन का स्वरुप बदलेगा। धरनों की संख्या बढ़ाई जायेगी। 19 फरवरी को धरनों में बलिदान दिवस मनाया जायेगा। उन्होंने जाटों के नाम पर राजनीति करने वालों पर भी निशाना साधा है। मलिक का कहना है कि खापों के नाम पर जाट समाज के कुछ लोग सरकारी एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।

जसिया धरने पर बच्चों की प्रतियोगिता में दिये गये पुरस्कार
रविवार को जसिया धरने पर बच्चों की प्रतियोगितायें हुईं। इस दौरान भाषण और कविता प्रतियोगिता में सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में तीन जज भी नियुक्त किये गये थे। विजेताओं को तीन श्रेणियों, प्रथम, द्वितीय और तृतीय के तहत पुरस्कार प्रदान किये गये। निशा, भूमिका, देवांश, हर्ष, शिवानी, निशांत, खुशी, आशीष आदि बच्चों ने जसिया में प्रतियोगिता में अपना लोहा मनवाया।

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