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महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में भोले बाबा का जलाभिषेक

हर-हर महादेव और जय शिव के उद्घोष से शिवमय हुआ माहौल.

जनपद में महाशिवरात्रि पर्व पूर्ण श्रद्धा, हर्षोल्लास और प्रेम पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर शिवभक्तों ने पवित्र गंगाजल से भगवान आशुतोष का अभिषेक कराया। शिवलिंग पर खील, बताशे तथा भांग का प्रसाद चढ़ाकर भोले की कृपा प्राप्त की। गंगा जल के साथ ही कई स्थानों पर भगवान रुद्र का दुग्धाभिषेक भी किया।

घरों में पकवान बनाये। चौलाई के लड्डुओं का प्रसाद सभी जगह देखने को मिला। शिव मंदिरों पर शिवभक्तों का रात्रि के अंतिम पहर से ही आवागमन शुरु हो गया। इनमें बच्चे, महिलायें, वृद्ध तथा सभी वर्ग के लोग शामिल थे।

महाशिवरात्रि-पर-शिव-मंदिर

नगर के वासुदेव तीर्थ के मंदिरों को खासतौर से सजाया गया था। यहां के फव्वारों की सुंदरता दर्शनीय थी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरे दिन सरोवर के चारों ओर पूरा वातावरण शिवमय हो गया था। वासुदेव तीर्थ जिस स्थान पर है वहां का वातावरण प्राकृतिक है तथा भक्तिमय वातावरण का केन्द्र बन गया है। सरोवर के चारों ओर बने मंदिर और धार्मिक स्थल शांति का संदेश देकर भक्तिमय वातावरण उत्पन्न करने में सक्षम हैं।

पूर्वी तट पर स्थित गुरुद्वारे से जब गुरुवाणी का गायन होता है तो यहां भक्तिरस की धारा का प्रवाह और भी आध्यात्मिक हो उठता है। शिवरात्रि के अवसर पर एक अद्भुत भक्तिपूर्ण वातावरण था।

गजरौला : यहां से दो किलोमीटर दूर नजीबाबाद रेलमार्ग के पास चाकेश्वर महादेव मंदिर में कांवड़ियों का जमावड़ा मध्यरात्रि से ही लग गया तथा भोरकाल शुरु होते ही शिवलिंग का जलाभिषेक शुरु हो गया था। कांवड़ियों की लंबी लाइन के कारण दोपहर बाद तक शिवभक्तों को इंतजार करना पड़ा। यहां आसपास के क्षेत्र के लोगों के अलावा दूर-दराज से भी श्रदलु जमा होते हैं।

महाशिवरात्रि-शिव-मंदिर-पर्व

यहां मंदिर के पास विशाल मेले जैसा माहौल उत्पन्न हो जाता है। ग्रामांचलों से भारी संख्या में लोग शिवदर्शन और जलाभिषेक करने आते हैं। इस मौके पर पुलिस का भी व्यापक बंदोबस्त करना पड़ता है। चाट-पकौड़ी तथा फलों के ठेले लगते हैं। बेर तथा चौलाई के लड्डुओं की खरीददारी सभी लोग करते हैं। बच्चे खिलौने भी जमकर खरीदते हैं। छिटपुट जेबकतरी की घटनाओं के अलावा शांति रही।

मंडी धनौरा : शहर के उत्तरी छोर पर पत्थरकुटी में स्थित शिव मंदिर पर प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी शिवरात्रि पर शिव का जलाभिषेक शिवभक्तों द्वारा किया गया। मंदिर में जल चढ़ाने वालों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। भीड़ में पहले जल अर्पित करने को लेकर खींचतान और धक्कामुक्की जारी रही। लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कांवड़ियों को पंक्तिबद्ध जलाभिषेक कराने को पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। कई बार हो हल्ले के बीच महिलायें और दूसरे लोग गिर भी पड़ते थे। फिर भी श्रद्धावश लोग सबकुछ सहते हुए जलाभिषेक करके ही लौटे।

धनौरा-बिजनौर मार्ग से मंदिर तक ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा दूसरे वाहनों की भारी भीड़ थी। लोग गांवों से भारी संख्या में शिव के जलाभिषेक को पधारे थे। दूध, दही तथा खील बताशों को भी शिव को अर्पित कर अपनी तथा अपनों की मंगलकामनायें की गयीं। जेबकतरों ने कई लोगों की जेबों पर हाथ साफ क अपनी कला का सफल प्रदर्शन किया तथा पुलिस और कानून से बच निकलने पर भोले का आभार जताया।

हसनपुर में भगवान शिव का शिवालयों में जलाभिषेक किया गया। यहां भी इस मौके पर हर्षोल्लास और आनंद का माहौल रहा। ग्रामांचलों में भी शिवरात्रि श्रद्धा और प्रेम से मनायी गयी।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.


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