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गढ़ से तिगरी तक बैराज के लिए तीन हजार करोड़ का प्रोजेक्ट

गजरौला से तिगरी को जाने वाले नेशनल हाइवे को सीधा गढ़मुक्तेश्वर से जोड़ने की भी योजना है.

गढ़मुक्तेश्वर-ब्रजघाट और तिगरी क्षेत्र के विकास के लिए नमामि गंगा योजना की ओर से तीन हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसके लिए केन्द्र तथा राज्य सरकार मिलकर फंड की स्वीकृति प्रदान करेंगे। फंड स्वीकृत की प्रतीक्षा में हैं।

गढ़ से तिगरी तक बैराज के लिए तीन हजार करोड़ का प्रोजेक्ट

इस परियोजना में गंगा को गढ़मुक्तेश्वर के प्राचीन गंगा मंदिर तक ले जाकर ब्रजघाट तक दो बैराज बनाकर लाना है। गढ़-तिगरी से ब्रजघाट तक गंगा सात किलोमीटर की लंबाई तक हरिद्वार हर की पैड़ी जैसी आकृति में आ जायेगी। बैराज पर छह लेन की रोड भी तैयार करने की योजना है।

इससे गंगा की स्वच्छता तथा अविरल बहाव की तमाम अड़चने दूर होंगी। दोनों तट गढ़ से तिगरी और ब्रजघाट तक पक्के हो जायेंगे। स्नान के लिए सुंदर तथा लंबे घाट बनाने का लाभ सभी को मिलेगा। दोनों किनारों का सौन्दर्यीयकरण कर एक धार्मिक पर्यटन का रुप दिया जायेगा।

इस परियोजना को नमामि गंगा योजना का ही एक हिस्सा बताया जा रहा है। इसमें गजरौला से तिगरी को जाने वाले नेशनल हाइवे को सीधा गढ़मुक्तेश्वर से जोड़ने की भी योजना शामिल है।

नमामि गंगा योजना

परियोजना में समय लग सकता है
अभी न तो पैसा स्वीकृत हुआ। जब पैसा ही स्वीकृत नहीं हुआ तो काम कैसे शुरु हो। पैसा आने पर ही कागजों पर वास्तविक प्रोजेक्ट की रुपरेखा बनेगी। इस योजना के लिए रुड़की से अधिशासी अधिकारी नंदेश्वर जैन का कार्यालय हापुड़ आ गया। उनका कहना है कि अभी तक फंड स्वीकृत नहीं हुआ। जबतक पैसा नहीं आयेगा काम शुरु नहीं होगा।

सबसे पहले हस्तिनापुर वन सेन्चुरी के अधिकारियों से एनओसी मांगी जायेगी और भी कई जगह से यह सब कराना है जिसमें कितना समय लगेगा, कुछ नहीं कहा जा सकता।

इसलिए इस प्रोजेक्ट के अभी शुरु होने में ही संदेह है। अब दोनों जगह केन्द्र और राज्य में एक ही दल की सरकारों के आने से उम्मीद बंधी है लेकिन तीन वर्षों से केन्द्र में जमी भाजपा सरकार ने अपने हिस्से का फंड भी मंजूर नहीं किया। जबकि यह प्रोजेक्ट केन्द्र सरकार की नमामि गंगा योजना का हिस्सा है।

-टाइम्स न्यूज़ गढ़मुक्तेश्वर/गजरौला.
सभी फोटो : अंकुर शेट्टी.


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