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चौदह वर्षों से अंगद के पैर बने इ.ओ. से मुक्ति चाहते हैं नगरवासी

सूबे से भाजपा की सरकार जाते ही आ गया था इ.ओ. अभी तक जमा बैठा है.
चौदह वर्षों से अंगद के पैर बने इ.ओ. से मुक्ति चाहते हैं नगरवासी

विधानसभा चुनाव पूर्व भाजपा नेता जनता से यह कह कर वोट मांग रहे थे कि जनता सूबे में भाजपा का चौदह वर्षों का वनवास कर भाजपा को फिर से सत्ता सौंपे। इसी के साथ वे लोगों की तमाम समस्याओं के निदान का वादा कर रहे थे। जनता ने भाजपा की मांग पूरी कर दी और सूबे में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नयी सरकार गठित भी हो गयी। मुख्यमंत्री ने कार्यभार ग्रहण करते ही अपने तेवर शुरु कर दिये हैं। वास्तव में उन्होंने बहुत ही तेजी, आत्मविश्वास तथा जनहितैषी कदम उठाये हैं। लगने लगा है कि सूबे में कोई सरकार है और प्रशासन मुस्तैदी से काम करने लगा है।

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एक मांग गजरौला के लोगों की भी है। यहां के नगर प्रशासन में चौदह वर्षों से एक इ.ओ. कब्जा जमाये बैठा है। नगर विकास मंत्रालय में किसी बड़ी ताकत के बल पर वह स्थानांतरण नहीं होने देता तथा यहां हो रहे तमाम विकास कार्यों में ताबड़तोड़ भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कई बार बतौर प्रमाण शिकायतें की गयीं लेकिन अवैध कमाई या दूसरी ताकतों के बल पर वह स्थानांतरण नहीं होने देता।

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नगर के लोग चाहते हैं कि जैसे भाजपा को सत्ता से मिले वनवास से जनता ने मुक्ति दिलायी है। उसी तरह गजरौला को भी चौदह वर्षों से यहां अंगद का पैर बने इ.ओ. से मुक्ति दिलायी जाये। कुछ कर्मचारी दबी जुबान कह रहे हैं कि मौजूदा इ.ओ. मो. कामिल पाशा की शैक्षणिक योग्यता के कागजात भी फर्जी हैं। स्थानांतरण कराने के बाद इस आरोप तथा समस्त कागजातों की भी जांच की जानी चाहिए।

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विकास कार्यों के भ्रष्टाचार की शिकायत सभासद अनिल अग्रवाल, सभासद दिले सिंह तथा रालोद नेता सचिन कुमार आदि ने सप्रमाण कई बार की। जबकि स्थानांतरण की मांग यहां का आम आदमी कर रहा है।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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