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अस्पतालों से चिकित्सक गायब रहते हैं और सफाई व्यवस्था बदहाल है

चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की बात की जाती है, मगर बाद में क्या होता है, पता नहीं.

अमरोहा जिले में सरकारी अस्पतालों का हाल कोई अच्छा नहीं है। अव्यवस्थाओं के दौर से गुजर रहे यहां के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक ड्यूटी से नदारद रहते हैं। सफाई व्यवस्था बदहाल है। मरीजों के साथ दुर्व्यवहार के किस्से भी समय-समय पर सुनने को मिलते रहते हैं। कुल मिलाकर अमरोहा जिले के सरकारी अस्पतालों की तस्वीर खराब है।

अस्पतालों से चिकित्सक गायब, सफाई व्यवस्था बेहाल है
अमरोहा की जिलाधिकारी शुभ्र सक्सेना ने हाल में जिला अस्पताल का दौरा किया था. उन्हें वहां कई खामियां मिलीं.

हाल में अमरोहा की डीएम शुभ्रा सक्सेना ने जब जिला संयुक्त अस्पताल का दौरा किया तो वहां की स्थिति देखकर वे हैरान रह गयीं। सीएमस डा. रामनिवास गायब मिले। ट्रॉमा सेंटर में एक चिकित्सक की ड्यूटी 24 घंटे लगी हुई थी, मगर वह वहां था ही नहीं। डॉ. ताहिर नामक चिकित्सक तीन पालियों में काम कर रहा था, लेकिन सेंटर पर था नहीं। बार्ड ब्वाय और सफाई कर्मी भी गायब था। डॉ. ताहिर से पूछा गया कि उनकी ड्यूटी इस तरह क्यों लगी है तो चुप्पी साध ली। डॉक्टर साहब के पास इसका भी कोई जबाव नहीं था कि ड्यूटी का समय क्या होता है।

इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में जब ये हाल है तो बाकी अस्पतालों में स्थिति कैसी होगी। एंटी रैबीज इंजेक्शन के टोटे के भी समाचार आयेदिन सामने आते रहते हैं। पीड़ितों को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ता है। मगर कहीं सुनवाई नहीं है।

सबसे बड़ी बात यह होती है कि चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की बात की जाती है, मगर बाद में क्या होता है, पता नहीं। डीएम ने सीएमस डॉ. रामनिवास, डॉ. ताहिर, वार्ड ब्वाय तथा सफाई कर्मी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। लेकिन वही सवाल रह जाता है कि कार्रवाई के बाद क्या स्थिति सुधरती है?

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.


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