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बेरोजगारी से लड़ने के जज़्बे के साथ मैदान में साबिर

साबिर ने पांच वर्षों में अनेक बेरोजगारों को कुशलता और आजीविका एक साथ प्रदान की है.

व्यापारिक और व्यावहारिक रुप में अपने नरम रुख के कारण सभी वर्गों में बेहतर संबंध बनाये रखने वाले व्यक्ति का नाम है साबिर ठेकेदार। पीके इंजीनियरिंग वर्क्स नाम से स्थापित औद्योगिक इकाई के संचालक साबिर आगामी चुनाव में पालिकाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं।

उन्होंने एक दशक से भी कम समय में ऐसा काम कर दिखाया जिसके कारण उनके कार्यक्षेत्र का तो विकास हुआ ही बल्कि दर्जनों ऐसे अकुशल बेरोजगार, कुशल रोजगार बनकर अपना तथा अपने परिवार का पेट पालने में सफल रहे हैं। उनके कदम यहीं नहीं थमे बल्कि उनका प्रयास है कि वे कई सौ परिवारों के सदस्यों की रोजी-रोटी का बंदोबस्त कर सकें।

बेरोजगारी से लड़ने के जज़्बे के साथ मैदान में साबिर

साबिर ठेकेदार ने यहां छोटे-मोटे ठेके लेकर एक ऐसी इकाई की स्थापना की जहां एक मामूली कोल्हू के पुर्जों से लेकर बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों के प्लांटों के निर्माण में आने वाली चीजें बनायी जा सकें। वे पंजाब जैसे राज्य की नव निर्मित इकाईयों की स्थापना के लिए जरुरी संयंत्र बनाने लगे जिससे उनका काम बढ़ गया।

साबिर ठेकेदार चाहते तो बाहर से कुशल कारीगरों को ला सकते थे लेकिन उनका मकसद सिर्फ अपना ही विकास करना नहीं था बल्कि वे कई ऐसे नवयुवकों को जानते थे, जो पुश्तैनी दस्तकारों के वंशज हैं तथा काम न मिलने से बेकार घूम रहे हैं। साबिर ने ऐसे युवाओं को ढूंढ़कर अपने यहां काम कर रहे दस्तकारों तथा कामगारों के साथ काम पर लगाया। पुश्तैनी धंधे से भले ही वे कटे थे लेकिन उनमें मौजूद हुनर को साबिर ने पहचाना और बहुत जल्दी ये एक कुशल कारीगर की तरह काम करने लगे। पांच वर्षों में दर्जनों बेरोजगारों को कुशलता और आजीविका एक साथ प्रदान कर साबिर ने बहुत बड़ा काम किया है। उनका कहना है वे सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। ऐसे में यदि उन्हें लोगों ने दायित्व सौंपा तो औद्योगिक नगर में रोजगार की भरमार कर देंगे।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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