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जिले का एकमात्र 15 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाल

सरकारी उपेक्षा के कारण पूरा अस्पताल मात्र तीन कमरों में ही सिमट कर रह गया है.
हसनपुर का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
हसनपुर का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय.

हसनपुर में काफी बरसों से एकमात्र जिले का 15 बेड का आयुर्वेदिक राजकीय चिकित्सालय अपने हालात पर आंसू बहा रहा है। बरसों से हसनपुर में मुंसिफी के पास सुखदेवी इंटर कॉलेज की बिल्डिंग में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय काफी अच्छी तरीके से संचालित हो रहा था लेकिन कुछ वर्षों से सरकारी उपेक्षा के कारण पूरा अस्पताल मात्र तीन कमरों में ही सिमट कर रह गया है। सबसे हैरानी की बात है कि यहां बेड भी अब नहीं रहे हैं। अस्पताल की पूरी जिम्मेदारी एकमात्र फार्मेसिस्ट को सौपी गई है जो संभल के पास किसी अस्पताल में तैनात हैं और सप्ताह में चार पांच दिन ही अस्पताल में बैठ पाते हैं।

आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाल

हसनपुर का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सरकारी उपेक्षा के कारण आज दयनीय स्थिति में है। एक ओर सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है लेकिन दूसरी ओर सरकारी उपेक्षा के कारण यह अस्पताल अपने हालात पर रो रहा है।

इस संबंध में जब तैनात कर्मचारी से बात की तो उन्होंने बताया कि हमने अपने अधिकारियों को पूर्ण स्थिति से अवगत करा रखा है और एक पत्र नगर पालिका हसनपुर को निशुल्क जमीन उपलब्ध कराने के लिए भी सौंपा था जिसमें उन्होंने जल्द ही जमीन उपलब्ध कराने की बात कही है। ताकि जल्द ही नगर में एक विशाल आयुर्वेदिक राजकीय चिकित्सालय का स्थापना हो सके।

-हसनपुर से प्रवीण अग्रवाल.


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