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राहजनी और लूट में शामिल डायल-100 पुलिस

बिहारी मजदूर को पहले खूब पीटा, बाद में लूट लिए नौ हजार रूपये और मोबाइल फोन.

सड़क पर रुपये लेकर रात में अकेले निकलने पर लुटेरों से अधिक पुलिस का खतरा है। लुटेरों से बच सकते हैं लेकिन पुलिस से बचना नामुमकिन है। डायल सौ पुलिस के कई जवान लुटेरे बन गये हैं। शुक्रवार की रात एक बिहारी मजदूर से सौ डायल पुलिस के जवानों ने उस समय नौ हजार रुपये और मोबाइल छीन लिये जब वह एक ढाबे पर खाना खाकर रात में करीब दस बजे कमरे पर सोने के लिए सीओ आफिस के पास से गुजर रहा था। लूट व मारपीट के शिकार मजदूर ने रात में ही थाने में जाकर घटना की तहरीर दे दी।

राहजनी और लूट में शामिल डायल-100 पुलिस

बिहार प्रांत के थाना पकरी वर्मा निवासी बलराम पुत्र मानीचंद ने बताया कि वह जुबिलेंट कंपनी में ठेकेदार के पास काम करता है। कंपनी के सामने ही नाईपुरा में किराये के मकान में अकेला रहता है। रात में दस बजे खाना खाकर वह जैसे ही चौपला चौकी और सीओ आफिस के बीच सड़क पर पैदल जा रहा था तभी उसे वहां से गुजरी डायल 100 पुलिस के जवानों ने रोक लिया। उसे डराया-धमकाया और पूछा रात में कहां जा रहा है।

बलराम के मुताबिक उसने पूरी बात बतायी। इसपर उसे थप्पड़ मारे गये और जेब में रखे 9 हजार रुपये तथा मोबाइल छीन लिया। मजदूर का कहना है कि वह कमरे में पैसे नहीं छोड़ सकता। इसलिए कहीं जाता हूं तो साथ ले जाता हूं। ये पैसे घर भिजवाने थे। मेरी मेहनत की सारी कमाई पुलिस ने लूट ली।

सीओ इंस्पेक्टर सिंह ने इस घटना को संज्ञान में लिया है तथा पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है। शीघ्र ही कार्रवाई की जायेगी।

यह घटना चौपला चौकी और सीओ कार्यालय के बीच की है। दोनों स्थानों पर हर समय पुलिस मौजूद रहती है। लूट करने वाले वे जवान हैं जिन्हें जनता की त्वरित सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इस घटना से सवाल खड़ा हो गया है कि ऐसे में पुलिस पर भरोसा कैसे किया जाये?

सीओ और थाना इंचार्ज को खाकीवाले लुटेरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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