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उल्टा पड़ा इ.ओ. का पासा, छोड़ना पड़ा गजरौला

बार-बार तबादला रुकवाने के पीछे यही माना जायेगा कि गजरौला ही क्यों रहना चाहते थे?

डेढ़ दशक से गजरौला नगर निकाय में इ.ओ. के पद पर काबिज मो. कामिल पाशा का तबादला झांसी जनपद में हो गया। विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और लूट-खसोट के आरोपों के बावजूद यह अधिकारी अंगद के पैर की तरह यहीं जमकर बैठ गया था और दावा करता था कि वह यहीं से रिटायर होकर जायेगा।

मो. कामिल पाशा
मो. कामिल पाशा.

इस बार भी चुनावी अधिसूचना जारी होने के समय जनवरी में इ.ओ. का तबादला आदेश शासन से आ गया था। जिसमें आचार संहिता के बहाने वह रुक गया था। चुनाव के बाद सरकार बदल गयी। हार बार की तरह इ.ओ. ने पंचम तल पर फिर से तबादला रुकवाने की सेटिंग का प्रयास किया। उम्मीद के सहारे इ.ओ. ने चार्ज नहीं छोड़ा लेकिन मुख्यमंत्री को इस संबंध में हमने ट्वीट किया तो नगर विकास मंत्रालय में हलचल मच गयी तथा मो. कामिल पाशा के सारे पाशे फेल हो गये और उन्हें यहां से भागना पड़ गया। वे झांसी जनपद में पहुंच गये। यहां उझारी नगर पंचायत के इ.ओ. धर्मवीर सिंह को उनका कार्यभार दिया गया है।

इ.ओ. क्यों नहीं छोड़ना चाहता था गजरौला?

गजरौला मो. कामिल पाशा को बहुत मुफीद था। पन्द्रह वर्षों में उनके स्थानांतरण के कई बार आदेश आये। एक बार रमाशंकर कौशिक ने तबादला रुकवाया। मो. आजम खा ने बाद में उनका तबादला रुकवाये रखा। बार-बार तबादला रुकवाने के पीछे यही माना जायेगा कि आखिर गजरौला ही क्यों रहना चाहते थे कामिल पाशा।

यहां की विशाल औद्योगिक इकाईयां इ.ओ. की अवैध कमाई का बड़ा साधन रही हैं। दो विशाल इकाईयों जुबिलेंट लाइफ साइंसेज लि. तथा टेवा एपीआई को इस इ.ओ. के कार्यकाल में अवैध रुप से सार्वजनिक रास्ते और चकरोड बेच दिये गये। इस काम में इ.ओ. ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी सहयोगी बनाया। यही नहीं यहां के लगभग सभी तालाबों पर कब्जा करवा दिया जिसके बदले अवैध कमायी की गयी। आबादी विहीन प्लाटों के बीच में सड़कें बनवा दीं। तमाम इंडस्ट्रीज को गृहकर आदि से छूट दिलाने में भी इ.ओ. का पूरा सहयोग रहा। विद्युत लाइटों तथा कांसीराम कालोनियों में लगाये सबमर्सिबल पंपों की कीमतों में भी घोटाले हुए। लोगों ने व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायतें भी कीं लेकिन जो ताकतें इ.ओ. का तबादला रुकवाती रहीं, वे ही इस तरह की जांचों को भी प्रभावित करती रहीं। अब शिकायतकर्ताओं को आगे आना चाहिए तथा डीएम के सामने सारा मामला रखना चाहिए।

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-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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