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हर्षोल्लास से मनाया श्री श्री रविशंकर का जन्मदिवस

आर्ट आफ लिविंग ने लोगों को तनाव रहित मुस्कुराते हुए जीवन जीना सिखाया.

श्री श्री का व्यक्तिव अपने आप में एक आदर्श है। वे सीधे-सरल भाव में बिना किसी लाग लपेट के संवाद स्थापित करने में विशेषज्ञ है। उक्त विचार जिंदल हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डा. बी. एस. जिंदल ने जिंदल हॉउस, धनौरा में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के 61वे जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किये।

हर्षोल्लास से मनाया श्री श्री रविशंकर का जन्मदिवस

डा. बी. एस. जिंदल ने कहा कि श्री श्री रविशंकर जी का जन्म दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में हुआ था। तब से लेकर आज तक गुरूजी के नाम से लोकप्रिय श्री श्री ने विश्व भर के लगभग 165 देशों में आर्ट आफ लिविंग संस्था के माध्यम से हजारो लाखो लोगों को तनाव रहित मुस्कुराते हुए जीवन जीना सिखाया।

इस अवसर पर डॉ.दिलबाग जिंदल ने गुरूजी के बारे में बताते हुए कहा कि सरल व्यक्तिव के साथ वे हमेशा मुस्कराहट बनाये रखने के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके बल पर व्यक्ति अपने आसपास की बड़ी से बड़ी कठिनाईयों को भी सरलता से पार कर जाता है। हाल ही में आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के विशाल आयोजन से उन्होंने हमारी संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को पुनर्जीवित किया है।

बालरोग विशेषज्ञ डॉ. राधा जिंदल ने कहा कि आर्ट आफ लिविंग के मुख्य बिन्दु “सुदर्शन क्रिया“ पर विश्व के अनेको विश्वविद्यालयों में की गयी रिसर्च से सिद्ध हो गया है कि सुदर्शन क्रिया का नियमित आभ्यास करने से कैंसर जैसी भीषण बीमारियों से भी बचा जा सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में धनौरा नगर में जीवन जीने की कला कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा, जिसमें किसी भी धर्म का कोई भी स्त्री-पुरुष सुदर्शन क्रिया सीखकर अपने जीवन को उत्साह व उमंग से भर सकता है।

इस अवसर पर कमलेश जिंदल, मधुबाला, डा. संदीप तोमर, राजीव कुमार, डा. संदीप आर्य, तथागत प्रधान, दीपिका, आराध्य अरोड़ा, अमायरा अग्रवाल, भार्गवी त्यागी, शिवानी आर्य, प्रणव जैन आदि लोगों ने सामुहिक ध्यान भी किया।

-टाइम्स न्यूज़ धनौरा.


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