Header Ads

राहुल के नेतृत्व में भाजपा के सामने नहीं टिक पायेगी कांग्रेस

कांग्रेस के कई चाटुकार राहुल को आगे कर अपने निहित स्वार्थ पालने की नासमझ कोशिश कर रहे हैं.

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देश भर में कमजोर हुई है। कई राज्यों में उसकी जड़ों की मजबूती का कारण वहां के स्थानीय नेतृत्व की ताकत और विपक्ष की कमजोर स्थिति है। हालांकि पूरे देश में हर राज्य में इस पार्टी का वजूद 'मरा हाथी बिटौड़े बराबर’ वाली कहावत के आधार पर मौजूद है। यदि लोकसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने आनंद शर्मा जैसे किसी अनुभवी और योग्य नेता को पार्टी की बागडोर सौंपने के बजाय राहुल गांधी जैसे व्यक्ति के नेतृत्व में चुनाव की तैयारी की तो कांग्रेस को मौजूदा स्थिति से भी बदतर हालात के लिए तैयार रहना होगा।

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी : ऐसा कभी सोचा न था!
यह अब निःसंकोच कहा जा सकता है कि देश के उत्तरी और मध्य क्षेत्र के अधिकांश राज्यों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बहुसंख्यक समुदाय का जनमत भाजपा के पक्ष में एकजुट हो चुका है। हिन्दुत्व के जातीय बिखराव को राष्ट्रवाद का नारा देकर भाजपा ने उसे एकजुट करने में सफलता हासिल कर ली है। देश के जिन राज्यों में भाजपा अपने पैर जमाने में विफल रही है वहां उसने हिन्दुत्व के एजेंडे पर काम करना शुरु कर दिया है। भाजपा के शीर्ष रणनीतिकारों को भरोसा है कि वह 2019 के चुनाव आने तक ऐसे राज्यों में अपनी स्थिति सुधारने में किसी हद तक सफल हो जायेगी। मजेदार बात यह है कि विकास के नारे के साथ भाजपा के नेतृत्व से लेकर भाजपा का आम कार्यकर्ता तक हिन्दुत्व की एकजुटता पर काम कर रहा है। आरएसएस के स्वयंसेवक इस रणनीति में बड़ी तन्मयता से जुट गये हैं। यह संगठन देश के आम नागरिक को आतंकवाद का भय दिखाकर उसे वर्ग विशेष के धार्मिक धु्रवीकरण की ओर ले जा रहा है। इसी धु्रवीकरण के बल पर भाजपा सत्ता तक पहुंचने में सफल रही है। सबका साथ-सबका विकास उसी तरह हो गया है जैसे हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और। हकीकत में विकास तो कहीं बहुत पीछे छूट गया है।

कांग्रेस के कई चाटुकार नेता राहुल गांधी को आगे कर अपने निहित स्वार्थ पालने की नासमझ कोशिश कर रहे हैं. गांधी नेहरु परिवार की जो छवि देश में थी, राहुल गांधी की भाषण शैली, ताजा राजनीतिक हालातों की पकड़ का अभाव तथा देश की जमीनी हकीकत से अनजान होना उन्हें कांग्रेस जैसे विशाल संगठन को बचाने रखने में सक्षम नहीं.

भाजपा तथा आरएसएस के हिन्दुत्वाद ने कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के कथित धर्मनिरपेक्षवाद को धराशायी कर दिया है। विकास का मुद्दा भी उसके आगे भोथरा सिद्ध हो चुका है। भाजपा के कई फायर ब्रांड नेताओं ने जिस प्रकार खुलकर मुस्लिम आतंकवाद के खिलाफ आवाज मुखर की, उससे लोगों में यह धारणा घर कर गयी कि विकास तभी संभव है जब अपनी तथा अपने जानमाल की सुरक्षा हो। भले ही आतंकवाद एक वैश्विक समस्या हो तथा भाजपा सरकार उसपर काबू पाने में विफल रही है लेकिन वह जनता में मीडिया के सहारे यह संदेश देने में सफल रही है लेकिन वह आतकंवाद से लड़ने की रणनीति बताने में लगी है। वह जो भी काम करती है उसे आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का प्रचार करने में पीछे नहीं रहती। गत वर्ष नोटबंदी को भी उसने आतंक की कमर तोड़ने का प्रचार कर वाहवाही लूटी लेकिन बाद में जो हुआ सबके सामने है।

दूसरी ओर राहुल गांधी के पास वही घिसे-पिटे हथियार हैं जिन्हें भाजपा, उपरोक्त विधियों से भोथरा और निष्क्रिय कर चुकी। राहुल गांधी को कांग्रेस को बचाना है तो एक काम करना होगा। उन्हें भाजपा द्वारा अल्प समय में भारतीय जनमानस में मौजूद ब्राह्मणवादी व्यवस्था को जिस प्रकार पुर्नजिवित किया है उसका लाभ उठाना होगा। नरेन्द्र मोदी की सरकार के बाद देश में ब्राह्मणों द्वारा स्थापित मूर्तिपूजा, स्नान व्रत और अनेक धार्मिक आडंबरों का प्रसार तेजी से हुआ है। राहुल गांधी को अपनी पार्टी का नेतृत्व आनंद शर्मा अथवा उन जैसे किसी अन्य ब्राह्मण को सौंप कर भाजपा से बड़ा हिन्दुत्ववादी होने का प्रमाण देना चाहिए। भले ही पढ़े-लिखे हिन्दू आधुनिकता का ढोल पीटें लेकिन पैदा होने से मरने तक ब्राह्मणों द्वारा निर्धारित आडंबरों का पालन करने से पीछे नहीं हटते। ऐसे में यदि कांग्रेस का नेतृत्व किसी ब्राह्मण के हाथ में होगा तो उसका लाभ उसे जरुर मिलेगा। नेहरु के ब्राह्मण होने का लाभ राजीव गांधी तक चला। लेकिन सोनिया गांधी को ब्राह्मण नहीं माना जा रहा। भाजपा यही प्रचार राहुल के लिए भी करती रही है। वैसे भी राहुल में कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी को नेतृत्व देने की क्षमता नहीं है।

-जी.एस. चाहल.


Gajraula Times  के ताज़ा अपडेट के लिए हमारा फेसबुक  पेज लाइक करें या ट्विटर  पर फोलो करें. आप हमें गूगल प्लस  पर ज्वाइन कर सकते हैं ...