Header Ads

प्रकृति प्रेमी रामचरन सिंह का पर्यावरण दिवस पर निधन

यह संयोग है कि एक प्रकृति प्रेमी पर्यावरण दिवस पर संसार को हमेशा के लिए छोड़ गया.

ग्राम छीतरा निवासी स. रामचरन सिंह का 98 वर्ष की आयु में अपने पैतृक निवास पर आज सुबह पांच बजे भोरकाल में निधन हो गया। वे अंतिम सांस तक पूर्ण स्वस्थ थे। अचानक सांस थमने से उनका स्वर्गवास हुआ। उनसे छोटे उनके चार भाई और भरा पूरा परिवार इससे शोकमग्न है। उनके बड़े भाई मुंशी भोला सिंह चार वर्ष पूर्व दिवंगत हुए थे। दो वर्ष पूर्व एकमात्र बहन जो छह भाईयों में सबसे छोटी थीं, गत वर्ष हदृयघात से चल बसी थीं।

ramcharan_singh_gajraula

स. रामचरन सिंह प्रकृति प्रेमी थे। उन्होंने अपनी किशोरावस्था में ही गंगा के खादर क्षेत्र में बगद नदी के आसपास के तमाम इलाके में पैदल घूमकर यहां उगने वाले ढाक, शीशम, बबूल तथा खजूर के पौधों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया था। वे यहां पशु चराने वालों के बीच वर्षों तक उन्हें यह समझाने में मौजूद रहे कि निकट भविष्य में ये वृक्ष पर्यावरण की सुरक्षा और दूसरे कारणों से महत्वपूर्ण होंगे। पशुओं से इनकी सुरक्षा रखें।

वे बहुत अच्छे तैराक तथा मनोरंजक और ज्ञानवर्द्धक शैली से लोगों को जोड़े रखने वाले खुशमिजाज महामानव थे। वे रोतों को हंसाने की कला जानते थे। यही कारण था कि गांव तथा समय मिलने पर दूसरे सभी वर्गों के लोग उनसे मिलते रहते थे। उन्होंने अपनी खूबियों का कभी प्रचार नहीं किया।

यह एक संयोग है कि एक प्रकृति प्रेमी पर्यावरण दिवस पर इस असार संसार को हमेशा के लिए छोड़ गया।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


Gajraula Times  के ताज़ा अपडेट के लिए हमारा फेसबुक  पेज लाइक करें या ट्विटर  पर फोलो करें. आप हमें गूगल प्लस  पर ज्वाइन कर सकते हैं ...