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सांस्कृतिक पहचान और एकजुटता बनाये रखने को सम्मेलन में जुटे जाट

इसी श्रंखला में निकट भविष्य में विशाल कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा.

अपनी सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं को कायम रखने के लिए तथा बिरादरी में नवजागरण का संदेश देने के लिए यहां एक होटल में जाटों ने एक सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष युद्धवीर सिंह ने जाटों से एकजुटता बनाये रखने तथा मौजूदा प्रतिस्पर्धी दौर में बिरादरी की तरक्की के लिए सभी से आगे आने का आहवान किया। इस मौके पर बड़ी तादाद में मौजूद जनसमुदाय को कई लोगों ने संबोधित किया।

चौ. युद्धवीर सिंह ने कहा कि मौजूदा समय आर्थिक विकास का युग है। कई जगह से हमारा समाज इस प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहा है। उन्होंने स्मरण कराया कि जाट बहुत परिश्रमी, देशभक्त तथा सबको साथ लेकर चलने वाला अत्यंत साहसी समुदाय है। इस सबके बावजूद कई कारणों से हम उतने आगे नहीं बढ़ सके जितने आगे आना चाहिए था। उन्होंने कई सामाजिक कुरीतियों का हवाला भी दिया और नयी पीढ़ी को उससे पूरी तरह मुक्त होने का आग्रह किया। जाट नेता ने कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपना कारोबार अथवा नौकरी की उन्होंने सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपनी प्राचीन सांस्कृति पहचान को हमें कायम रखना होगा। इसीलिए ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरुरत है जो हमारी मूल विचारधारा और सांस्कृतिक विरासत को समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने आपसी एकता और सद्भाव की मजबूती पर बल दिया।

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वृंदावन से आये जगमाल सिंह चाहल ने सचेत किया कि हम अपनी विरासत और महापुरुषों को भूलते जा रहे हैं, इससे बचना होगा। हमारे पुरखों का वैभवशाली और गर्व करने योग्य इतिहास रहा है। हमारी युवा पीढ़ी उनके नाम तक नहीं जानती। आजाद भारत के इतिहासकारों और पत्रकारों ने उन्हें विस्मृत करने का षड़यंत्र किया है। हमें सजग होना होगा और विस्मृत इतिहास के गौरवशाली अध्यायों को तलाश कर स्वतः ही उसका पुनर्लेखन करना होगा। इसके लिए विद्वान जाटों को आगे आना होगा।

सम्मेलन के आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले डॉ. तेजवीर सिंह ने कहा कि बिरादरी के लिए समर्पित रुप से काम करने वाले लोगों को आगे लाने का प्रयास किया जायेगा तथा बड़े-बूढ़ों से जानकारियां एकत्र कर गांव-गांव संगठन को मजबूत कर दिल्ली और उसके चारों ओर बसे जाट समुदाय को एकजुट कर तरक्की की राह में ले जाने तथा सांस्कृतिक भटकाव से बचाने का काम किया जायेगा।

इस विशाल आयोजन में डॉ. श्याम सिंह चाहल, खड़ग सिंह, दिनेश बेनीवाल, गौरव चौधरी, अरुण चौधरी, वेदपाल सिंह, अरविन्द सिंह अम्हेड़ा, नरेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह औलख, वीरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह औलख, हरेन्द्र सिंह औलख, जयदेव सिंह, डा. सोरन सिंह, शुभनीत सिंह, तेजपाल सिंह, विपिन पंघाल, सुरेन्द्र सिंह, देशवीर सिंह चाहल, जितेन्द्र ढिल्लो, ओमपाल सिंह, सचिन चौधरी, आमोद चौधरी, शैलेन्द्र सिंह शीनू, विपिन चौधरी, गुरबचन सिंह सिद्धू, ऊधम सिंह, मूलचंद सेठ, चिराग चौधरी आदि ने भी विचार व्यक्त किये।

जाट प्रतिभाओं का सम्मान :
जाट सम्मेलन में प्रतिभावान जाट नवयुवकों को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया था। सम्मेलन में उपस्थित होने वाले इन सभी को सम्मानित किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश और बिरादरी का नाम रौशन करने वाले निर्भय सिंह बटवाल ग्राम रायपुर, राहुल पनेहर भड़वाड़ा, हिमानी सिंह कुठार धनौरी खुर्द, मोनिका अहलावत शेखूपुरा, हरमिन्दर डागर समन्दपुर, सुमित संधु ढकिया भूड़, पुष्पेन्द्र सिहं धारीवाल सैतपुर जसकौली, सरित धारीवाल सैतपुर जसकौली, भूपेन्द्र सिंह बड़ा ताजुद्दीन, विपेन्द्र सिंह मंढेर कूबी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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सम्मेलन की सफलता का आभार जताया :
जाट जागरुकता सम्मेलन के संयोजक तथा प्रखर राष्ट्रवादी डॉ. तेजवीर सिंह ने सम्मेलन में अपना बहुमूल्य समय देने वाले जाट बंधुओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि विपरीत मौसम, व्यस्त समय और बिना प्रचार के भारी संख्या में जिस प्रकार से हमारे लोगों ने उत्साह दिखाया उससे स्पष्ट हो गया कि पूरी बिरादरी एकजुट है तथा अपनी विरासत और सांस्कृतिक पहचान के लिए हर तरह से तैयार है।

उन्होंने इसी तरह एकजुटता तथा समर्पित भाव से आगे बढ़ते रहने का आहवान किया तथा दूसरों की ओर देखने के बजाय स्वालम्बन को जाटों की पहचान बताया। उन्होंने स्मरण कराया है कि देश तथा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता पर जब भी आंच आयी जाट भाईयों ने उसकी रक्षा और संरक्षण में जान तक की बाजी लगा दी है। इतिहास इसका साक्षी है। आजाद भारत में हमें जिस प्रकार हाशिये पर धकेलने की कोशिश की जा रही है उसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाये रखने में नयी पीढ़ी को जागरुक करने का यह सम्मेलन प्राथमिक प्रयास था। इसी श्रंखला में निकट भविष्य में विशाल कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा। डॉ. तेजवीर सिंह ने सम्मेलन के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर खुशी जाहिर करते हुए उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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