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बड़े बकायेदारों के बकाये का भार छोटे उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा

वसूली में पिछड़ने पर गजरौला विद्युत उपखंड के एसडीओ राहुल गुप्ता का हथकंडा सामने आया है.

गजरौला विद्युत उपखंड के एसडीओ राहुल गुप्ता बिजली बिल वसूली ठेकेदार के लोगों को बिजली बिल वसूली के साथ अवैध कमायी के टिप्स देते देखे जा सकते हैं। वे फाजलपुर बिल वसूली कक्ष में इसी काम के लिए काफी समय दे रहे हैं। इससे जहां भुगतान लक्ष्य से पीछे चल रहा है वहीं स्वयं भुगतान करने पहुंच रहे उपभोक्ताओं से ही बड़े बकायेदारों के हिस्से की क्षतिपूर्ति के तरीके निकाल लिए गये हैं। पांच हजार या उससे अधिक का बिल अदा करने वाले उपभोक्ताओं के हाथ में विभाग द्वारा दिये बिल में विलम्ब शुल्क आदि कुल देय राशि दर्ज होती है। एसडीओ बिल राशि संग्रहकर्ता से बिल के अलावा तीन सौ रुपये से एक हजार रुपये तक अतिरिक्त काटने को कहता है। उससे कहा जाता है समय से बिल जमा करने की आदत डालिए।

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अतिरिक्त तीन सौ या अधिक न देने पर उपभोक्ता को कनैक्शन काटने की धमकी दी जाती है। साथ ही कनैक्शन काटने तक बिल जमा न करने को कहकर वापस करने को धमकाया जाना आम बात है। मजबूरन उपभोक्ता को तीन सौ रुपये देना पड़ता है तब उसका बिल जमा किया जा रहा है। मजेदार बात यह है कि विद्युत बिल और उसमें दर्ज राशि की रसीद कम्प्यूटर से निकालकर दी जाती है जबकि अतिरिक्त ली रकम की हस्तलिखित रसीद दी जाती है। जिसपर रुपये तो दर्ज होते हैं लेकिन यह दर्ज नहीं होता कि ये पैसे किस काम के लिए गये हैं तथा किस मद में जमा होंगे।

जब यह जानकारी अधिशासी अभियंता गुलशन गोयल से की गयी तो उन्होंने कहा कि वे अभी नये आये हैं। पता करेंगे एसडीओ साहब क्या काम कर रहे हैं?

यह प्रकरण यहां आयेदिन हो रहा है। बड़े बकायेदारों पर नकेल कराने के बजाय पांच-छह हजार का बिल स्वेच्छा से जमा करने वालों पर अनावश्यक वित्तभार डाला जा रहा है। अधीक्षण अभियंता को इस मामले की स्वयं जांच कर छोटे उपभोक्ताओं के शोषण और विभाग को चूना लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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