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बीमारों की निशुल्क चिकित्सा को शिवनारायण जी ने समर्पित किया पूरा जीवन

शिवनारायण जी जड़ी-बूटियों के द्वारा इस बीमारी का इलाज करते थे। जिसका मरीजों पर जादूई असर होता था.

जिन्दल हॉस्पिटल पर एक शोकसभा में डा. बीएस जिंदल के पिता शिवनारायण जिन्दल को श्रंद्धाजलि दी गयी तथा मौजूद लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उनके द्वारा की गयी समाज सेवाओं का भावपूर्ण स्मरण किया गया। वे 93 वर्ष की आयु पूर्ण कर गत सप्ताह अपने पैतृक गांव उलैड़ा (बिजनौर) में हृदय गति रुकने से परम सत्ता में विलीन हो गये। वे आजीवन निरोग रहे।

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उल्लेखनीय है कि शिवनाराण जी ने अपना संपूर्ण जीवन सादा जीवन, उच्च विचार के आदर्श के अनुरुप व्यतीत करते हुए बबासीर के रोगियों का निशुल्क इलाज किया। वे जड़ी-बूटियों के द्वारा इस बीमारी का इलाज करते थे। जिसका मरीजों पर जादूई असर होता था। उनकी ख्याति बिजनौर जनपद से देश के सुदूर भागों पंजाब, राजस्थान, हरियाणा आदि तक पहुंच गयी। वे मरीजों को देर होने पर घर रोक लेते थे तथा भोजन आदि की सेवाभाव से पूरी व्यवस्था करते थे। किसी से कभी भी कोई पैसा उन्होंने नहीं लिया।

शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने वालों में पूर्व मंत्री तथा राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी ओमवेश, महाराज सिंह, महिपाल सिंह, निधि तंवर एड., चौ. हरवीर सिंह, संजीव प्रधान, डा. संदीप, मधुबाला गुर्जर आदि लोग मौजूद थे।

इस मौके पर दिवंगत के परिवार से उनके पुत्र डा. बीएस जिंदल, कमलेश जिंदल, डा. दिलबाग जिंदल, डा. कृष्णदेव जिंदल, डा. तान्या, डा. राधा और उनके बच्चे मौजूद रहे।

-टाइम्स न्यूज़ मंडी धनौरा.


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