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सुमित कसाना ने किया गजरौला का नाम रौशन, एयरफोर्स में अधिकारी बने

सुमित देश सेवा के साथ-साथ समाज के लिए भी योगदान देना चाहते हैं. हर कोई शिक्षित हो और देश हित में काम करे.
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गजरौला के सुमित कसाना ने क्षेत्र का नाम रौशन किया है। वे भारतीय वायु सेना में अधिकारी बन गये हैं। उनकी इस खुशी से गजरौलावासी गदगद हैं। सुमित के परिवार के सदस्य और परिचित भी फूले नहीं समा रहे।

न्यायिक विभाग जिला अमरोहा में कार्यरत धर्मपाल सिंह के बेटे सुमित कसाना ने इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एनडीए की तैयारी की। उन्होंने परीक्षा पास की और नेशनल डिफेंस एकेडमी में चयन होने के बाद तीन साल तक पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त किया। उसके बाद आगे के प्रशिक्षण के लिए उन्हें हैदराबाद एयरफोर्स एकेडमी में भेजा गया। 16 दिसंबर को उनकी पासिंग आउट परेड थी। सुमित उच्च प्रशिक्षण के बाद वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गये हैं। वे भारतीय वायु सेना में देश की सेवा के मजबूत इरादे के साथ लड़ाकू विमान उड़ायेंगे।

सुमित कसाना का प्रोफाइल : 
⬛ 2011: सैंट मैरी कान्वेंट स्कूल से हाईस्कूल की परीक्षा पास की.
⬛ 2013: इंटरमीडियेट की परीक्षा एएमयू अलीगढ़ से उत्तीर्ण की.
⬛ एनडीए की परीक्षा पास करने के बाद पुणे डिफेंस एकेडमी में तीन साल प्रशिक्षण.
⬛ इसी दौरान कंप्यूटर साइंस में बीएसएसी ऑनर्स किया.
⬛ हैदराबाद एयर फोर्स एकेडमी में प्रशिक्षण.
⬛ 16 दिसंबर 2017: सुमित एयर फोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बने.

उनके पिता धर्मपाल सिंह हैदराबाद एकेडमी में सम्मान समारोह में मौजूद रहे। पासिंग आउट परेड में नौ-सेनाध्यक्ष सुनील लांबा ने सुमित को सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने सुमित से अपने एनडीए जीवनकाल के रोचक किस्से भी इस दौरान शेयर किये। वे काफी देर तक उनसे बातचीत करते रहे। लांबा ने धर्मपाल कसाना को भी उनके होनहार बेटे के अधिकारी बनने पर बधाई दी।

धर्मपाल सिंह कसाना मूल रुप से हसनपुर के हीसखेड़ा गांव के रहने वाले हैं। पिछले कई साल से वे परिवार सहित गजरौला के विजयनगर में रह रहे हैं। धर्मपाल सिंह का कहना है कि उनके बेटे ने क्षेत्र का नाम रौशन कर दूसरों को प्रेरणा दी है। सुमित को देखकर और भी बच्चे एनडीए जैसी संस्थाओं में जाकर देश का मान बढ़ायें।

सुमित की माता मुनेश देवी का कहना है कि ये पल बेहद भावुक करने वाले हैं। उनका लाडला अब देश की सेवा करेगा, यह उनके लिए गर्व की बात है।

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गजरौला पहुंचने पर सुमित कसाना का गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान लोगों ने उन्हें फूल-मालायें पहनाकर अपनी खुशी जाहिर की।

सुमित कसाना का कहना है,‘मैंने आसमान से बातें की हैं। मैंने अपने हौंसले, मेहनत और अपनों के आशीर्वाद से यह मुकाम हासिल किया है। मेरे परिवार का जितना सपोर्ट मुझे मिला वह मुझे प्रेरित करता रहा। मेरे गुरुजनों का भरोसा मुझपर हमेशा बना रहेगा। उनकी सीखों से मैं आगे बढ़ रहा हूं और उसके नतीजे भी शानदार आ रहे हैं। एयर फोर्स का अबतक का अनुभव मेरे जीवन का सबसे बेहतरीन अनुभव रहा है।’

उनका कहना था,‘सच में जब आप दिल से किसी चीज को करते हैं, तो सफलता जरुर मिलती है। इसलिए खुद पर भरोसा रखिये, जीत कुछ ही दूरी पर है। यकीन मानिए कभी न हार मानने का जस्बा हमें आगे बढ़ते रहने का हौंसला देता है, और यह हर क्षेत्र में जरुरी है। किसी भी फील्ड में श्रेष्ठ होने के लिए सिर्फ भरोसा चाहिए।’

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सुमित देश सेवा के साथ-साथ समाज के लिए भी योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि जिन युवाओं को गाइडेंस आदि चाहिए उनके लिए वे हमेशा तैयार हैं। वे यही चाहते हैं कि हर कोई शिक्षित हो और अपनी काबिलियत से देश हित में काम करे।

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सुमित के छोटे भाई वंश सैंट मेरी कान्वेंट में कक्षा पांच में पढ़ते हैं। वे खेलकूद में कुशल हैं। उन्होंने स्केटिंग प्रतियोगिता में इतनी छोटी उम्र में कई पदक जीते हैं। वंश का कहना है कि उनके भाई उन्हें समय-समय पर जरुरी टिप्स देते रहते हैं। उनके भाई उनके लिए प्रेरणा हैं। सुमित की बहन शिवानी भी सैंट मेरी कान्वेंट स्कूल की 12वीं की छात्रा हैं। उनका फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में सफल मुकाम बनाने का सपना है। वे कहती हैं कि उनके भाई उन्हें प्रेरित करते हैं।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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