Header Ads

मारपीट के मामले में विधायकी चली गयी, बोले : 'जिंदगी हर कदम एक नई जंग है'

amit-mehto-jmm
अमित महतो की विधायकी चली गई है लेकिन अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया है.

झारखंड की मुख्य विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा विधायक अमित महतो को मारपीट के मामले में दो साल की सजा हुई है. उनके साथ 8 लोगों को रांची की एक अदालत ने अंचलाधिकारी से मारपीट करने के मामले में 2 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके अलावा 45 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है. अमित महतो की विधायकी चली गई है लेकिन अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया है. जुर्माना नहीं भरने पर सभी दोषियों की सजा 14 महीने और बढ़ा दी जाएगी.

मारपीट का यह मामला साल 2006 का है. अमित महतो और उनके साथियों पर सोनाहातु के तत्कालीन अंचलाधिकारी आलोक कुमार के साथ मारपीट करने, गाली गलौच करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगा था. अदालत ने 6 धाराओं में उन्हें सजा सुनाई है.

जमानत मिलने पर अमित महतो ने कहा कि जिंदगी हर कदम एक नई जंग है. कहा कि जनता उनके साथ है. उन्होंने कहा कि जिस वक्त ये मामला घटा, उस वक्त वे विधायक नहीं थे. उन्होंने जनता की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष किया था. अमित महतो 8 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं.

अमित महतो की विधायकी खत्म होते ही झारखंड विधान सभा में झामुमो विधायकों की संख्या घटकर 17 रह जाएगी. कुछ दिनों पहले झामुमो के ही अन्य विधायक योगेन्द्र प्रसाद महतो को 3 साल की सजा सुनाए जाने की वजह से  विधायकी चली गई थी. 2014 के विधानसभा चुनाव में अमित महतो ने पूर्व उप मुख्यमंत्री और आजसू नेता सुदेश महतो को सिल्ली विधानसभा सीट से पराजित किया था.