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अन्ना हजारे को मनाने की कई कोशिशें मोदी सरकार ने की थीं, नहीं मिली कामयाबी

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अन्ना को मनाने की कई कोशिशें मोदी सरकार ने की थीं, लेकिन कोई कामयाब नहीं रहा जो अन्ना को मना सके.

समाजसेवी अन्ना हजारे ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ रामलीला मैदान में अनशन शुरू कर दिया है. उनकी कहना है कि किसानों के हक के लिए मोदी सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए जिसे सरकार नहीं कर रही. उनका कहना है कि सरकार किसानों की सुनिश्चित आय, पेंशन, खेती के विकास के लिए मदद करे. हालांकि इस बार के अनशन को लेकर लोगों में उतना उत्साह दिखाई नहीं दे रहा और मीडिया में भी पिछली बार की तरह कवरेज नहीं चल रही.

अन्‍ना हजारे ने अनशन के शुरु होने  से पहले कहा था कि प्रदर्शनकारियों को दिल्‍ली लेकर आ रही ट्रेन आपने कैंसिल कर दी. उन्‍हें हिंसा की ओर मोड़ना चाहते हैं. उनका कहना था कि उन्होंने भी कई पत्र लिखे और कहा था कि सुरक्षा नहीं चाहिए. आपकी सुरक्षा मुझे बचा नहीं सकती. सरकार का धूर्त रवैया सही नहीं है.

अन्ना को मनाने की कई कोशिशें मोदी सरकार ने की थीं, लेकिन कोई कामयाब नहीं रहा जो अन्ना को मना सके. महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन अहमदनगर जाकर अन्ना हजारे से मिले थे. गिरीश ने बताया कि लोकपाल और किसानों को लेकर अन्ना की कई मांगें हैं जो तुरंत पूरी नहीं की जा सकतीं. अन्ना हजारे से सत्याग्रह वापस लेने की अपील भी की गयी थी. मगर अन्ना डटे हैं.

अन्ना हजारे ने कहा था कि जिस सूचना के अधिकार कानून को उन्होंने लड़कर बनवाया था वह आज कमजोर पड़ गया है. केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने कानून को कमजोर किया है. इसलिए उन्होंने वे किसानों की प्रमुख मांगों को लेकर दिल्ली में करो या मरो आंदोलन कर रहे हैं.

देखते हैं कि अन्ना हजारे इस बार कितने कामयाब हो पाते हैं.