Header Ads

क्या तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आने को छटपटा रहा है?

mamta-banerjee-sharad-pawar
यह देखने में उतना मुश्किल नहीं लग रहा, अंदरूनी तौर पर यह बहुत पेचीदा है.

चुनावी हवा बहुत मजेदार ढंग से बह रही है. ऐसा लगता है जैसे सारा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ लामबंद होने की कोशिश में लगा है. सभी दल एक मंच पर आने की तैयारे में हैं. तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आने को छटपटा रहा है. मगर यह इतना आसान भी नहीं. इस राह में खतरे बड़े हैं.

ममता बनर्जी चार दिनों के दिल्ली प्रवास पर हैं. उन्होंने संसद भवन में दस विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत की. ख़बरों में कहा जा रहा है कि एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया पटेल, शरद पवार जैसे नेता ममता से मिले. उन्होंने कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान ममता बनर्जी ने पवार के पाँव छुए. यह तीसरे मोर्चे की तैयारी चल रही है.

ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए सभी दलों को एकजुट होना होगा. अलग-अलग राज्यों में इसपर मजबूती से प्रयास करने की बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस को एकला चलो का बजाय जेडीएस को भी साथ लेना चाहिए. ऐसा ही दूसरे राज्यों में किया जाना चाहिए, तभी बीजेपी को शिकस्त दी जा सकती है.

ममता ने तीसरे मोर्चे की वकालत की है. ऐसा लगता है वे इसपर अभी तक कायम हैं. उन्होंने सोनिया गांधी से भी मुलाकात करने की कोशिश की. वे संसद भवन से जा चुकी थीं. हालांकि यह कहना गलत नहीं कि लोकसभा चुनाव आते-आते चीज़ें बदल सकती हैं. शायद ऐसा भी हो कि कांग्रेस के अम्ब्रेला में दूसरे दल आ सकते हैं. यह देखने में उतना मुश्किल नहीं लग रहा, अंदरूनी तौर पर यह बहुत पेचीदा है.