Header Ads

अमरोहा में तंवर के सहारे नहीं पार होगी भाजपा की वैतरणी

kanwar-singh-tanwar-amroha
ज़मीन से जुड़ा उम्मीदवार लाने को भारतीय जनता पार्टी बेचैन दिखाई दे रही है.

आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए संसदीय सीट पर भाजपा उम्मीदवार बहुत सोच-समझकर उतारा जाएगा। मौजूदा सांसद कंवर सिंह तंवर को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने की उम्मीद नहीं है कार्यकर्ता और अनुषांगिक संगठनों के नेता भी उनसे सहमत नहीं हैं। अपने पूरे कार्यकाल में तंवर अधिकांश समय क्षेत्र से गायब रहे तथा सत्ता के सहारे अपने विदेशों तक फैलने वाले व्यवसाय को विस्तार देने में लगे रहे। अपने निजी अथवा चंद चाटुकार लोगों के काम के लिए खाली समय में वे अपने फार्म हाउस पर जरूर आते रहे।

विधानसभा चुनाव के दौरान यहां हाजिरी देना उनकी मजबूरी था जबकि संसदीय चुनाव की तैयारी का समय आने पर और टिकट दोबारा लेने के प्रयास की वजह उनका यहां आना भी एक मजबूरी ही है। क्षेत्र में विकास की बात बहुत दूर की कौड़ी है। तंवर का गोद लिया गांव चकनवाला भी विकास की राह देख रहा है।

गंगा के खादर में इस लोकसभा क्षेत्र में लगभग तीन सौ गांव हैं जो शेष क्षेत्र से विकास में बहुत पीछे हैं। यहां चकनवाला गांव के पास ही सिंसोवाली के सामने गंगा पोषक नहर पुल ना होने से उस पार के एक दर्जन गांवों के  लोगों का बड़ा दर्द है। इसकी मांग वे चुनाव में वोट मांगने वालों से हर बार करते हैं तथा बेशर्म नेता हर बार उन्हें आश्वासन देकर फिर उधर नहीं आते। सांसद तंवर ने चुनाव प्रचार के दौरान इन गांव के कई हजार लोगों के बीच आश्वासन दिया था कि यदि सरकार से भी वे पुल नहीं बनवा सके तो उनके पास बहुत धन है, वे अपने पैसों से जीतते ही उसे बनवाएंगे। अब तंवर का कार्यकाल भी पूरा होने वाला है। दूसरे नेताओं की तरह उन्होंने भी उधर जा कर नहीं देखा।

जरुर पढ़ें : भाजपा की राह रोक देगा सपा-बसपा का संयुक्त उम्मीदवार?

अपने पूरे कार्यकाल में तंवर ने दो-चार गांवों को छोड़ यह भी जानने का प्रयास नहीं किया कि वे कम से कम अपने कार्यकाल में यह तो देख लें कि गांवों की हालत क्या है और लोग उनसे क्या चाहते हैं?

मोदी लहर पर सवार होकर बिना तैयारी के ही जीत गए थे जबकि इस बार उनके कार्यकलाप उनकी राह में बाधा बनेंगे। इससे भी बड़ी चुनौती यहां सबसे बड़े वोट बैंक मुस्लिम और दलित मतदाताओं का भाजपा के खिलाफ ध्रुवीकरण होना है।

तंवर जैसे व्यक्ति को यदि भाजपा मैदान में लाई तो यह सीट स्वेच्छा से विपक्ष को सौंपने वाला काम होगा।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.