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आनंद सरोवर को भूल गये राजेश सैनी?

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राजेश सैनी इससे पूरी तरह मुंह फेरे हुए हैं. अभी तक इसके लिए कुछ भी विचार तक नहीं किया.

लगता है राजेश सैनी दूसरी बार पालिकाध्यक्ष बनने के बावजूद आनंद सरोवर की प्यास बुझाने में विफल रहेंगे। राष्ट्रीय इंटर कालेज के पास तीन ओर से मठ मंदिरों से घिरा आनंद सरोवर, जो कभी स्वच्छ जल और गुलाबी कमल से भरा रहता था, वर्षों से एक बूंद पानी के लिए तरस गया है।

आनंद सरोवर को उसके प्राचीन स्वरुप तथा सैन्द्रर्यीयकरण के आश्वासन देते-देते राजेश सैनी ने अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा कर लिया और इससे भी मजेदार बात यह रही कि वे एक बार फिर से पालिकाध्यक्ष बनने में सफल हो गये। पिछली बार वे इसके लिए तत्कालीन सपा विधायक एम. चन्द्रा को दोषी ठहराते रहे जबकि इस बार भाजपा विधायक राजीव तरारा ने इसके लिए सैनी को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और वे इस दिशा में कुछ करना भी चाहते हैं, लेकिन सैनी इससे पूरी तरह मुंह फेरे हुए हैं तथा अभी तक इसके लिए कुछ भी विचार तक नहीं किया।

यही कारण रहा कि किसी समय किनारों तक स्वच्छ जल से भरे इस सरोवर के किनरे बैठकर मन शांति का अनुभव करता था। जल में खिले गुलाबी कमल न्यनाभिराम दृश्य उत्पन्न करते थे। उसके किनारे बने मठ और मंदिरों में पूजा-अर्चना को आने वाले श्रद्धालुओं को स्फूर्ति और आनंद का अनुभव होता था।

भाजपा नेता सुभाष बंसल, पूर्व सभासद विजय शर्मा, शशि अग्रवाल, डॉ. दिलबाग जिंदल, लप्पी चौधरी, शेखर चौधरी आदि ने राजेश सैनी से भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसते आनंद सरोवर के पुनरुद्धार की मांग की है।

-टाइम्स न्यूज़ मंडी धनौरा.