रामअवतार शर्मा नहीं रहे : राजनीति की पुरानी पंक्ति का अंतिम नक्षत्र अस्त

रामअवतार शर्मा gajraula
पं. रामअवतार शर्मा के निधन से गजरौला की पुरानी राजनैतिक पीढ़ी का अंत हो गया.

राजनीति के चर्चित व्यक्तित्व पं. रामअवतार शर्मा का मध्यरात्रि में हृदयगति रुकने से देहांत हो गया। वे 85 वर्ष के थे। वे अपने पीछे दो पुत्रों, पुत्र-वधुओं तथा पौत्र-पौत्रियों का भरापूरा और समृद्ध परिवार छोड़ गए हैं। उन्होंने सपा के वरिष्ठ नेता स्व. रमाशंकर कौशिक की लंबी राजनैतिक पारी में कंधे से कंधा मिलाकर पूरा साथ दिया। हालांकि उनके बाद वे रालोद और बाद में बसपा में शामिल रहे। अपने बड़े बेटे रोहताश शर्मा को गजरौला नगर पंचायत का चेयरमेन बनवाने में वे सफल रहे थे। उनकी छोटी पुत्रवधु नीलम शर्मा गजरौला की ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं।

पं. रामौतार शर्मा

ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, गन्ना संघ के जिलाध्यक्ष आदि कई पदों पर वे रहे। उनके निधन से गजरौला की पुरानी राजनैतिक पीढ़ी का अंत हो गया। उनके देहावसान पर सभी दलों के नेताओं, सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत लोगों तथा व्यापारी वर्ग ने दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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~टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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