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ख्स्ताहालत से किसानों और कारोबारियों को सबसे अधिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है. |
बिजली की ख्स्ताहालत से किसानों और कारोबारियों को सबसे अधिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। महकमा व्यवस्था बेहतर करने का आश्वासन देकर अपना पीछा छुटाने की असफल कोशिश करने में व्यस्त है। अब आंधी और बरसात का बहाना भी बिजली विभाग को मिल रहा है कि जगह-जगह लाइनें टूट गयी हैं, पोल उखड़ गये हैं, मरम्मत की जा रही है। इसलिए बिजली व्यवस्था को सुचारु होने में वक्त लगेगा।
ट्रांसफार्मर फुंकने के हफ्तों बाद भी बिजली विभाग को सुध नहीं आती। गुलड़िया सब स्टेशन में 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब है। इसकी वजह से शहर और देहात में कई इलाकों को बिजली आपूर्ति नहीं हो रही। ट्रांसफार्मर सप्लाई करने वाली फर्म ने पहले मामले को टरकाया। बाद में अलग-अलग तिथियों पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की बात कही। जब कई तिथियां ऐसे ही टरकाने में निकल गयीं तो अब उसपर केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है। उसे ब्लैक लिस्ट भी किए जाने की बात बिजली अधिकारी कह रहे हैं। लेकिन इससे आम जनता को कितनी परेशानी हुई है, इसकी भरपाई कौन करेगा? बिजली के बिल में फिक्स्ड चार्ज तो उतना ही आयेगा।
ढबारसी में गुस्साए लोगों ने जेई का घेराव किया। इस दौरान जमकर नोंकझोंक भी हुई। वहीं गंगेश्वरी के बांस का कलां गांव में एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है। इससे गांव में अंधेरा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। उल्टे ग्रामीणों को इधर-उधर की बात करके टरका देते हैं।
वहीं गजरौला क्षेत्र में अटारी मुरीदपुर बिजलीघर में खराबी आने से दर्जनों गांवों की आपूर्ति बाधित हुई। पूरे जिले में बिजली व्यवस्था बुरे हाल में है। कहा जा रहा है कि आने वाले समय में बिजली व्यवस्था और गड़बड़ायेगी।
-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.