चार माह से धरने पर किसान : अधिगृहीत भूमि का उचित मुआवज़ा दिलाने की मांग है किसानों की

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भूख हड़ताल रोक दी और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला लिया गया.
नेशनल हाइवे के किनारे दरियापुर बुजुर्ग गांव के पास कई गांवों के किसानों का चार माह से धरना जारी है। किसान अधिगृहीत भूमि के उचित मुआवजे को लेकर धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें भूमि का पूरा पैसा नहीं मिल जाता, तब तक न तो वे धरना बंद करेंगे और न ही अपनी भूमि पर सरकारी कब्जा होने देंगे।

पिछले दिनों किसानों ने भूख हड़ताल भी शुरु की थी जिसमें कई किसानों की तबीयत बिगड़ गयी, लिहाजा उन्हें चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया गया। बाद में भूख हड़ताल रोक दी और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला लिया गया। मुआवजे का एक-एक पैसा मिलने तक धरना नहीं रोका जायेगा।

धरना स्थल पर मौजूद किसानों का कहना है कि सरकार ने बाजार भाव से चार गुना मुआवजा देने का वायदा किया था जबकि अधिकारी उनसे बाजार भाव से भी कम मूल्य पर हस्ताक्षर चाहते हैं। यह घोर अन्याय है जिसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। किसानों ने बताया कि हमें चुनावी आचार संहिता का बहाना कर धरना समाप्त करने की कोशिश की गयी। अब चुनाव भी खत्म हो गए लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। उन्हें बताया गया है कि डीएम मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख रहे हैं। वे नहीं जानते कि चिट्ठी में क्या लिखा गया है या क्या लिखा जाना है। हमें तो उचित मुआवजे की दरकार है। हम भूमि देने को तैयार हैं लेकिन उसका उचित मूल्य तो मिले।

धरना स्थल पर बताया गया कि भाकियू सहित अन्य किसान संगठनों से भी वे संपर्क साध चुके। यदि प्रशासन ने दबाव बनाया तो सारे लोग एकजुट होकर न्याय के लिए संघर्ष को तैयार हैं। धरना स्थल पर गजरौला से हरियाना गांव तक के दर्जनों ऐसे लोग मौजूद हैं जिनकी भूमि नेशनल हाइवे ऑथरिटी अधिगृहीत करना चाहती है।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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