'जीवन में योग, आयुर्वेद व स्वदेशी को महत्व देना होगा' -साध्वी देवादिति

patanjali-ayurveda-yog-samiti-gajraula
आज घर-घर में विदेशी उत्पाद इस्तेमाल हो रहे हैं जिनसे स्वास्थ्य को हानि हो रही है.
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला कार्यालय पर महिला पंजलि योग समिति की पांच प्रदेशों की प्रभारी व योगाचार्य बाबा रामदेव की शिष्या साध्वी देवादिति ने जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

इस अवसर पर देवादिति ने कहा कि स्वामी रामदेव ने स्वस्थ भारत की कल्पना की और स्वास्थ्य के स्थायी समाधान के लिए योग का विकल्प संपूर्ण संसार के सामने प्रस्तु किया। इस तपस्या का परिणाम है कि आज विश्वभर में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

gajraula-patanjali-photos

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के उत्थान के प्रत्येक क्षेत्र में पतंजलि योग समिति के योगदान की दुनिया में सराहना हुई है। आयुर्वेद के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शीर्ष दस में आचार्य बालकृष्ण को प्रथम स्थान देकर सम्मानित किया है।

साध्वी देवादिति ने बताया कि प्राचीन काल में हमारा जीवन योग एवं आयुर्वेद पर आधारित था। जीवन सादगीपूर्ण व उच्च विचारों से युक्त था। भाषा व आहार पूर्णत: स्वदेशी था। आज घर-घर में विदेशी उत्पाद इस्तेमाल हो रहे हैं जिनसे स्वास्थ्य को हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि हमें भारत को विश्व के सर्वोच्च शिखर पर ले जाना है तो अपने जीवन में आयुर्वेद, योग व स्वदेशी को महत्व देना होगा।
patanjali-gajraula-photo

इस दौरान भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के प्रदेश प्रभारी भ्राता सुनील शास्त्री, महिला योग समिति की प्रदेश प्रभारी बहन श्रीदेवी, प्रभा देवरा, अनिल सिक्का, चन्द्रकिरन, भीष्म आर्य, अनिता भटनागर, ब्रह्मपाल सिंह, अमित सिरोही, कैलाश एड., आकाश शर्मा, प्रीति आर्या, हिमानी वर्मा, अंजलि, अंकुर यादव, विपुल आदि मौजूद रहे।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

No comments