जिला पंचायत भवन और चकनवाला पुल निर्माण लाल फीताशाही की भेंट चढ़ा

zila-panchayat-bhawan-chakanwala-pul
बसपा और सपा सरकारों के दौरान जिले के कई काबीना मंत्री होने के बावजूद यह समस्या कायम रही.
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्थानीय समस्याओं के समाधान को संवेदनशील हैं लेकिन देश और प्रदेश की सरकारें इस ओर ध्यान नहीं दे रहीं। यही कारण है कि 1997 में जिले में गठित जिला पंचायत को दो दशकों के बीतने पर भी अपने कार्यालय को भवन उपलब्ध नहीं हो पाया। प्रतिवर्ष बाढ़ जैसी आपदा के शिकार दर्जनों गांवों के लिए दशकों से की जा रही पुल की मांग के बावजूद अभी तक पुल निर्माण में बाधक वन विभाग से एनओसी तक उपलब्ध नहीं हो सकी।

जिला पंचायत के कार्यालय के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता चौधरी और उनके पति भाजपा नेता भूपेन्द्र सिंह राज्य सरकार से निवेदन कर चुके तथा हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिखित निवेदन किया है। गौरतलब है जिला पंचायत कार्यालय कृषि विभाग के बीज गोदाम में चल रहा है। बसपा और सपा सरकारों के दौरान जिले के कई काबीना मंत्री होने के बावजूद यह समस्या कायम रही।

chakanwala-bridge-on-ganga-river

जरुर पढ़ें : फिर नावों के सहारे नदी पार करेंगे खादर के दर्जनों गांवों के लोग

गंगा के खादर में चकनवाला के पास गंगा-पोषक नहर पर पुल की मांग दशकों से दर्जनों गांवों के लोग कर रहे हैं तथा दो वर्षों से मौजूदा विधायक राजीव तरारा पुल निर्माण के लिए जिला स्तर से लेकर लखनऊ तक आयेदिन भागदौड़ कर रहे हैं लेकिन राज्य की भ्रष्ट प्रशासनिक मशीनरी टस से मस नहीं हो रही। हालत यह है कि अभी तक वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र तक नहीं मिला। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही होगी। विधायक की भागदौड़ तब तक सफल नहीं होने वाली जब तक कि शासन से वन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर दवाब नहीं बनता। इस सिलसिले में विधायक राजीव तरारा ने मुख्यमंत्री से लिखित निवेदन किया है। देखते हैं पुल तथा जिला पंचायत कार्यालय निर्माण का काम शुरु होने में कुछ होता है या नहीं।

उधर बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से विधायक द्वारा की गयी है। उन्होंने यह भी बताया है कि विभागीय अफसरों का रवैया लोगों के खिलाफ बहुत ही निम्न स्तरीय है।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा / गजरौला.

No comments